4,821 रुपए बनाम 1,420 रुपए: 400 यूनिट बिजली पर महाराष्ट्र और सिक्किम के बिल में 3 गुने से ज्यादा का अंतर

Maharashta Highest Power Tariff: महाराष्ट्र में महावितरण देश में सबसे महंगी बिजली बेच रहा है। 400 यूनिट के लिए 4821 रुपये वसूले जा रहे हैं। NCP नेता वेदप्रकाश आर्य ने विधायक रोहित पवार से मुलाकात की।
Mahavitaran Electricity Bill Rates
विधायक रोहित पवार, शिष्टमंडलफोटो सोर्स- नवभारत
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Mahavitaran Electricity Bill Rates: देशभर के 28 राज्यों में सबसे महंगी बिजली महावितरण अपने घरेलू ग्राहकों को बेच रही है। हाल यह है कि किसी राज्य से तीन गुना तो किसी से दोगुने से अधिक दर में बिजली दी जा रही है।

उस पर हर वर्ष घाटा दिखाकर बिजली दर वृद्धि का प्रस्ताव भी मर्क के समक्ष प्रस्तुत करती है। महाराष्ट्र के घरेलू ग्राहक अगर 400 यूनिट बिजली का उपयोग करते हैं तो उसका बिल करीब 4,821 रुपये आता है जबकि यही बिल उत्तर प्रदेश की जनता को 2,265 रुपये का आता है।

राकां शरद पवार पार्टी के नेता वेदप्रकाश आर्य के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने विधायक रोहित पवार से भेंट कर महावितरण की इस लूट के बारे में तुलनात्मक जानकारी दी है। पवार ने यह मुद्दा विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया है।

शिष्टमंडल ने दावा किया सिक्किम में लगते हैं सिर्फ 1,420 रुपए

शिष्टमंडल ने दावा किया कि महाराष्ट्र राज्य में जहां 400 यूनिट बिजली के 4,821 रुपए वसूली की जा रही है वही सिक्किम में केवल 1420 रुपये लगते हैं। तुलना करें तो महाराष्ट्र में तीन गुना से अधिक बिल ग्राहकों से वसूला जा रहा है। यह घरेलू बिजली फेज-वन की दर है।

वहीं गोवा में 400 यूनिट बिजली का बिल 1,650 रुपए ही आता है। अरुणाचल प्रदेश में 1,780, हिमाचल प्रदेश में 1,980, मिजोरम में 2,050, तमिलनाडु में 2,210, गुजरात में 2,380, छत्तीसगढ़ में 2,510, आंध्र प्रदेश में 2,720, केरल में 2,890, मध्य प्रदेश में 2,950, तेलंगाना में 3,150, कर्नाटक में 3,410, राजस्थान में 3,520 और पंजाब में करीब 3,850 बिल होने का दावा किया गया।

राज्यवार बिजली बिल की तुलना (रुपयों में)

शिष्टमंडल ने कहा 15 दिन का अल्टीमेटम, फिर तीव्र जन आंदोलन

शिष्टमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि महावितरण ने 15 दिनों में बिजली दरों में कमी नहीं की, तो नागपुर महावितरण के मुख्यालय का घेराव कर तीव्र जन आंदोलन किया जाएगा। शिष्टमंडल में अभिषेक आर्य, शेखर पाटिल, तरुण रामदासानी, जीतू केवलरामानी, हरीश तैवानी, जगदीश खुशालानी सहित बड़ी संख्या में नागरिक व व्यापारी शामिल थे।