Central Railway Action Flammable Material Train Mumbai: चलती ट्रेन में अपनी आरक्षित बर्थ पर दीया जलाकर पूजा करना एक यात्री को भारी पड़ गया। ट्रेन में आग और ज्वलनशील पदार्थ से यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा होने की आशंका को देखते हुए मध्य रेलवे ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित यात्री को ट्रेन से उतार दिया।
यह घटना सोमवार, 31 अगस्त को ट्रेन नंबर 12782 हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस में हुई। भुसावल के वाणिज्यिक नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली थी कि ट्रेन के ए-1 कोच में बर्थ नंबर 17 पर एक यात्री दीया जलाकर पूजा कर रहा है।
ड्यूटी पर तैनात खंडवा के टिकट निरीक्षक रमन कुमार शर्मा ने यात्री के ट्रेन में दीया जलाने की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए यात्री को भुसावल रेलवे स्टेशन पर उतार दिया गया।
रेलवे के अनुसार, चलती ट्रेन में ज्वलनशील पदार्थ ले जाना और उसे जलाना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है। आग लगने की स्थिति में ट्रेन के अंदर बड़ी संख्या में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।
भुसावल स्टेशन पर पूछताछ के दौरान यात्री की पहचान मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी 55 वर्षीय गरिबा के रूप में हुई। पूछताछ में यात्री ने बताया कि उसने शाम की प्रार्थना के दौरान अपनी आरक्षित बर्थ पर दीया जलाया था।
हालांकि, रेलवे ने ट्रेन में इस तरह दीया जलाने को सुरक्षा नियमों के विपरीत माना और यात्री को ट्रेन से उतारकर आवश्यक कार्रवाई की।
रेलवे में ज्वलनशील वस्तुओं के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा नियम काफी सख्त हैं। चलती ट्रेन में आग या खुली लौ का इस्तेमाल अन्य यात्रियों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में रेलवे यात्रियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और ट्रेन के अंदर किसी भी तरह की आग न जलाने की अपील करता है।
मध्य रेलवे की कार्रवाई के बाद एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। रेलवे का स्पष्ट संदेश है कि धार्मिक गतिविधि के दौरान भी ट्रेन में ऐसी वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जिससे आग या अन्य सुरक्षा संबंधी खतरा पैदा हो।