

Divya Mittal Rahul Gandhi Meeting: उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफा को लेकर बवाल मचा हुआ है। वह मिर्जापुर, संत कबीर नगर और देवरिया में जिला अधिकारी, डीएम, रहीं। वर्ष 2013 बैच की उप्र कैडर की दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। उनके इस्तीफा देने के बाद उनके राजनीति में आने के कयास लगाए जा रहे हैं।
इसी बीच सामने आ रहा है कि दिव्या ने इस्तीफा देने से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। यह चौंकाने वाला तथ्य भाजपा के ही एक नेता ने सोशल मीडिया पर जारी किया है। लेकिन इस पोस्ट के बाद यह कहा जा रहा है कि अगर कोई आईएएस अधिकारी राहुल गांधी से मिलने के बाद इस्तीफा देता है तो क्या इसका मतलब यह है कि देश में राजनीतिक हवा बदल रही है। जिसे पहचान कर आईएएस अधिकारी उनसे जुड़ने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं।
हालांकि इस पोस्ट के बाद भाजपा और उसके नेताओं पर ही लोग हमला करने लगे। इसे एक महिला पर निजी हमला करार देते हुए इस तरह की पोस्ट को औचित्यहीन करार देने के साथ ही लोगों ने सवाल किया है कि अगर दिव्या मित्तल में इतनी कमी थी तो भाजपा सरकार ने उनको तीन जिलों में डीएम क्यों नियुक्त किया था।
दिव्या मित्तल को लेकर यह चौंकाने वाला तथ्य अपनी मीडिया पोस्ट में सार्वजनिक करने वाले भाजपा उत्तर प्रदेश के एक प्रवक्ता है। उन्होंने यह सवाल खड़ा किया है कि जहां उत्तर प्रदेश में इतने आईएएस अधिकारी है। वहां पर केवल दिव्या मित्तल को ही ऐसे क्यों दिखाया जा रहा है कि वही काम करने वाली अधिकारी है।
भाजपा के इस प्रवक्ता ने इसके साथ ही दिव्या मित्तल पर अपना स्वयं का पीआर कराने के लिए पैसे खर्च करने, उनके पति को उनके माध्यम से काम कराने के एवज में दलाली करने वाला करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दिव्या मित्तल जहां भी तैनात रहीं, वहां पर उनकी किसी जन-प्रतिनिधि से नहीं बनी है। वह सरकारी कार्यक्रमों में भी वहां के स्थानीय चुने हुए जन-प्रतिनिधियों को नहीं बुलाती थी। क्या सभी जन-प्रतिनिधि, इसमें दो-तीन बार के चुने हुए लोग भी शामिल है। दिव्या मित्तल पर हमला करते हुए इस प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी की हर घर जल नल योजना को भी अपना बताकर दिव्या मित्तल ने उदघाटन कर दिया था।