CM Assures Students Of Transparency In Exam: मुंबई में प्रतियोगी परीक्षा के शिक्षकों और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों को सामने रखा।
प्रतिनिधिमंडल में शिक्षक सचिन धवले, यशवंत सोलट, धनंजय माटे, गणेश कड, उमेश कुडले और छात्र आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता निखिल पाटील सहित बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षा शिक्षक और विद्यार्थी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में सख्त कदम उठाने की मांग रखी। छात्रों और शिक्षकों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थी वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं, ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को लगातार अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य स्तर पर सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
इस समिति में पूर्व यूपीएससी सदस्य, पुलिस महानिदेशक, आईआईटी के प्रोफेसर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। समिति के गठन को लेकर सरकार की ओर से शासनादेश भी जारी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि यह समिति राज्य के सभी विभागों का दौरा कर छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य हितधारकों के साथ चर्चा करेगी।
समिति पुणे का भी दौरा करेगी। सरकार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ ही विद्यार्थियों की चिंताओं को सीधे समझने और उनके सुझावों को सुधार प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को भी गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस की ओर से तेजी से जांच की जा रही है और आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। आगे की जांच जारी है और आयोग के भीतर या बाहर से जो भी व्यक्ति इस गड़बड़ी में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे कड़े कानून और सुधार लागू कर रही है, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर लगाम लगाई जा सके। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर पूरी परीक्षा प्रक्रिया तक आवश्यक सुधार तत्काल लागू किए जाएंगे।
सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में लेकर व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की मेहनत का पूरा सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।