सिंहस्थ कुंभ से पहले CM देवेंद्र फडणवीस का बड़ा फैसला, नासिक के अखाड़ों और आश्रमों का फंड बढ़ा

Nashik Simthastha Kumbh Mela: महंगाई और GST के बढ़ते खर्च को देखते हुए CM फडणवीस ने सिंहस्थ कुंभ के लिए अखाड़ों का फंड ₹7 करोड़, आश्रमों की सहायता ₹30 लाख और मंदिरों को ₹15 लाख किया।
CM Devendra Fadnavis Announces
साधु संतों से मिलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फोटो नवभारत)
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CM Devendra Fadnavis On Simthastha Kumbh Mela: नासिक जिले में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को भव्य और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दूरदर्शिता और संवेदनशीलता का परिचय दिया है।

वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई और माल व सेवा कर (जीएसटी) के कारण व्यवस्थाओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय दबाव को समय रहते भांपते हुए मुख्यमंत्री ने अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं के विकास कोष में ऐतिहासिक बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान की है।

आश्रमों की सहायता राशि दोगुनी

हाल ही में कुंभ मेला प्राधिकरण की समीक्षा बैठक और नासिक दौरे के दौरान त्र्यंबकेश्वर के प्रमुख साधु-संतों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी।

इस दौरान साधु-महंतों ने व्यावहारिक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि निर्माण सामग्री, खाद्यान्न और विभिन्न सेवाओं पर बढ़ती महंगाई तथा जीएसटी के लागू होने से अखाड़ों द्वारा चलाए जाने वाले विशाल भंडारों, आवास व्यवस्थाओं और लोक-कल्याणकारी कार्यों पर खर्च काफी बढ़ गया है।

साधु-संतों की इस जमीनी समस्या और महंगाई के आंकड़ों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने अखाड़ों का फंड 5 करोड़ रुपये से सीधा बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये करने की मांग को सहर्ष स्वीकार कर लिया।

त्र्यंबकेश्वर में खुशी की लहर

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इस पारखी नजर का लाभकेवल बड़े अखाड़ों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने विभिन्न धार्मिक आश्रमों को मिलने वाली 15 लाख रुपये की सहायता राशि को भी बढ़ाकर सीधा 30 लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, कुंभ मेले के दौरान दिन-रात सेवा देने वाले स्थानीय मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के लिए भी 15-15 लाख रुपये का बजटीय प्रावधान रखा गया है।

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आश्रम व अखाड़े धर्म और जनसेवा में समर्पित

राज्य सरकार द्वारा घोषित इस विशेष वित्तीय पैकेज का त्र्यंबकेश्वर के साधु-महंतों ने गर्मजोशी से स्वागत किया है। महंतों का कहना है कि आश्रम और अखाड़े सदैव धर्म व जनसेवा में समर्पित रहते हैं, और मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील फैसले से व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।

दूसरी ओर, कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में जुटी स्थानीय संस्थाओं ने बढ़ती जरूरतों को देखते हुए निधि आवंटन बढ़ाने के साथ-साथ कागजी व दस्तावेजी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए समय सीमा विस्तार (डेट एक्सटेंशन) दिए जाने की भी मांग की है।

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