

Hemant Soren Sudivya Sonu Death: झारखंड के राजनीतिक गलियारे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बेहद करीबी सहयोगी और राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया है। इस असमय विछोह ने राज्य भर को शोक में डुबो दिया है।
अपने सबसे भरोसेमंद साथी को खोने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूरी तरह टूट गए हैं। उन्होंने इस क्षति को अत्यंत व्यक्तिगत बताते हुए कहा कि सोनू भैया के जाने से उनके जीवन में एक ऐसी रिक्तता आ गई है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू उनके लिए सिर्फ वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे, बल्कि बड़े भाई की तरह थे। वह स्नेह देने, मार्गदर्शन करने और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले व्यक्ति थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनू के साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेगी।
मुख्यमंत्री ने सुदिव्य सोनू के साथ अपने पुराने राजनीतिक संबंधों को याद करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही वह स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित कर दिया। हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंडियत के प्रति सुदिव्य सोनू का समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी।
अपने संदेश के अंत में हेमंत सोरेन ने बेहद भावुक होते हुए कहा, "सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आपके स्नेह, आपके संघर्ष और झारखंड के लिए आपकी प्रतिबद्धता को मैं जीवनभर अपने साथ लेकर चलूंगा। आप हमेशा याद आएंगे भैया..."
सुदिव्य सोनू के आकस्मिक निधन ने मुख्यमंत्री को जीवन की अस्थिरता पर भी सोचने को मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा, “कल तक जो आवाज हमारे बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य सोनू का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनकी कमी हमेशा महसूस होगी। उन्होंने कहा कि सोनू का स्नेह, उनका संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जीवनभर उनके साथ रहेगी।