Manoj Jarange Patil Hunger Strike: मनोज जरांगे पाटिल ने गुरुवार को अपना अनशन खत्म कर दिया। वे पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। जरांगे मुंबई में आंदोलन शुरू करने के लिए अपने गांव अंतरवाली से निकले थे लेकिन अचानक बीच रास्ते में ही आंदोलन खत्म करने के बाद अब विपक्षी दलों ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्ट है कि महायुति।
सरकार ने जरांगे पाटिल के करीबी लोगों के 1,400 करोड़ रुपये के काम रोक दिए थे। यही वजह है कि जरांगे ने फिर से आंदोलन शुरू किया था।
वडेट्टीवार ने अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाया है कि जरांगे पाटिल मराठा समाज के लिए नहीं बल्कि अपने निहित स्वार्थ के लिए आंदोलन करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा है कि ऐसा लगता है कि जरांगे पाटिल की सरकार के साथ 1,400 करोड़ के काम को लेकर डील हो गई है।
सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मनोज जरांगे पाटिल ने अपने मंच से फडणवीस के साथ शिंदे के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया।
कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने खुद कहा था कि अब सरकार का कोई डेलिगेशन जरागे से मिलने नहीं जाएगा। इसके बावजूद सरकार का डेलिगेशन जरांगे के पास जाता है और आंदोलन खत्म करवाता है।
अजय बारस्कर ने कहा कि एक समय जरांगे पाटिल का घर काफी साधारण था लेकिन आज टॉयलेट में भी एसी लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि आखिर जरांगे पाटिल के लाइफ स्टाइल में इतना बड़ा बदलाव कहां से आया।
उन्होंने कहा कि जरांगे, राजनीतिक सुपारी लेकर मराठा आरक्षण के नाम पर -आंदोलन कर रहे है, जरांगे की पहली स्क्रिप्ट बारामती से आई थी। उसके बाद वे एकनाथ शिंदे के इशारे पर काम करने लगे।