

Narendra Pawar Dismissed Cop Shailesh Patil FIR: पति से विवाद में मदद करने के बहाने पीड़ित शादीशुदा युवती को अपने कार्यालय बुलाकर, उसे भिवंडी तहसील के बापगांव ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में है। इस संदर्भ में कल्याण के पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार एवं बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटिल के खिलाफ पडघा पुलिस स्टेशन में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता को शिकायत पर पडघा पुलिस ने हथियार का डर दिखाकर और शराब पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि पूर्व विधायक पवार ने उन पर लगाए गए आरोपों से इंकार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
पूर्व विधायक के खिलाफ बलात्कार जैसा संगीन मामला दर्ज होने के बाद कल्याण राजनीतिक हलके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी है। पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, कल्याण पश्चिम इलाके में रहने वाली एक 22 वर्षीय विवाहित महिला का उसके पति के साथ विवाद चल रहा था। उस विवाद में मध्यस्थता करने के लिए भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार ने महिला को अपने कार्यालय बुलाया था।
इसके बाद 13 सितंबर को पूर्व विधायक नरेंद्र पवार उसे भिवंडी तहसील के बापगाव स्थित अपने निजी फार्महाउस पर ले गए, उनके साथ उनका सहयोगी बर्खास्त पुलिस कर्मी शैलेश पाटिल भी मौजूद था। रपट के मुताबिक हथियार का डर दिखाकर और शराब पिलाकर उसके साथ शारीरिक अत्याचार किया गया।
अत्याचार के बाद रात दो बजे पूर्व विधायक नरेंद्र पवार वहां से चले गए। इसके बाद शैलेश पाटिल ने भी पीडित युवती के साथ अत्याचार किया। तड़के चार बजे शैलेश पाटिल का केयरटेकर पीड़ित महिला को उसके घर छोड़ आया।
इस घटना से सहमी पीड़िता ने बुधवार को कांग्रेस की नगरसेविका कांचन कुलकर्णी से संपर्क कर पूरी आपबीती बताई और मदद मांगी। इसके सबूत के तौर पर उसके पास वीडियो व व्हाट्सएप चैट भी उपलब्ध हैं।
इसके बाद पीड़िता को साथ लेकर कांचन कुलकर्णी रात में ही पडघा पुलिस स्टेशन पहुंचीं, जहां पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और शैलेश पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पीड़ित युवती ने मांग की है, पुलिस अब मुझे न्याय दे। इन्होंने इस तरह कितनी महिलाओं की जिंदगी बर्बाद की होगी, इसलिए इन्हें सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।
नगरसेविका कांचन कुलकर्णी ने बताया, पीड़ित युवती मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए मोबाइल पर संपर्क कर मदद मांगी थी। जब मैं उससे मिली और उसने जो दर्दनाक आपबीती सुनाई। उसके पास मौजूद वीडियो और मोबाइल चैट देखने के बाद मै तुरंत पीड़िता को लेकर रात में पडघा पुलिस स्टेशन पहुंची।
पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से रात में संपर्क करने पर उन्होंने पडघा पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। कांचन कुलकर्णी ने चेतावनी देते हुए कहा, यह घटना बेहद निदनीय और शर्मनाक है।
देश और राज्य में 'लाडली बहना' का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा का पूर्व विधायक अगर इस तरह का कृत्य करता है, तो उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।
वहीं शैलेश पाटिल एक आदतन अपराधी है। उस पर पहले भी एक विदेशी महिला से अत्याचार करने और अपनी मां को हथियार का डर दिखाकर जमीन हड़पने का मामला दर्ज है।
इसलिए इन दोनों आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, यदि इन्हें 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया, तो हजारों महिलाओं के साथ पडघा पुलिस स्टेशन के बाहर आंदोलन किया जाएगा।
इस संबंध में जब वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पंकज गिरी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और उनके मित्र बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटिल की तलाश की जा रही है।
पूर्व विधायक नरेंद्र पवार ने सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताते हुए निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की है। पवार ने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले के पीछे सामाजिक और राजनीतिक षड्यंत्र होने का ठोस संदेह है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय संविधान, कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और निष्पक्ष जांच के जरिए जल्द ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी।
पवार ने कहा कि मैं जिस भू-माफिया के खिलाफ आंदोलन कर आवाज उठा रहा था, उससे संबंधित एक व्यक्ति कल विपक्ष के लोगों के साथ पुलिस थाने में मौजूद था। इसके बाद जिस तरह घटनाक्रम आगे बढ़ा, उससे मेरे मन में गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इन सभी घटनाओं और मेरे खिलाफ दर्ज मामले के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह भी निष्पक्ष जांच से स्पष्ट होना चाहिए।