सीएसआर प्राधिकरण महाराष्ट्र, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

महाराष्ट्र में बनेगा महा CSR प्राधिकरण, सीएसआर फंड के पारदर्शी इस्तेमाल पर फडणवीस सरकार का जोर

Maha CSR Authority Maharashtra: महाराष्ट्र में सीएसआर फंड के पारदर्शी इस्तेमाल के लिए देवेंद्र फडणवीस सरकार 'महा CSR प्राधिकरण' बनाएगी। कंपनियों और NGOs के लिए प्राथमिकता सूची तैयार होगी।

रूपम सिंह

Maharashtra CSR Fund Guidelines: महाराष्ट्र में बनेगा महा सीएसआर प्राधिकरण , सीएसआर फंड के पारदर्शी इस्तेमाल पर फडणवीस सरकार का जोर महाराष्ट्र में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी सीएसआर फंड का बेहतर और पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार नया प्राधिकरण बनाने की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘महा CSR प्राधिकरण’ के गठन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य CSR फंड को जरूरतमंद और प्राथमिकता वाले विकास कार्यों तक पहुंचाना तथा उसके उपयोग की निगरानी करना है।

सीएसआर कार्यों के लिए बनेगी प्राथमिकता सूची

सह्याद्री अतिथिगृह में हुई बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में सीएसआर के तहत कई विकास कार्य अलग-अलग स्तर पर किए जा रहे हैं। ऐसे कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों की सूची तैयार की जाएगी।

इस सूची में ऐसे प्रोजेक्ट शामिल किए जाएंगे, जहां सीएसआर फंड की सबसे अधिक जरूरत है। इससे कंपनियों को अपनी CSR राशि सही क्षेत्र और परियोजना में खर्च करने में मदद मिलेगी।

कंपनियों और NGOs को मिलेगी जानकारी

सरकार की ओर से तैयार की जाने वाली प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की सूची कंपनियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे CSR फंड देने वाली कंपनियों को उपयुक्त परियोजना चुनने में आसानी होगी।

सरकार का उद्देश्य CSR गतिविधियों को केवल फंड खर्च करने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक विकास कार्यों से जोड़ना है।

छोटे और मध्यम उद्योगों को भी मिलेगी मदद

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत छोटे और मध्यम उद्योगों को सही परियोजना और उपयुक्त संस्था चुनने में भी सहायता दी जाएगी। इससे सीमित CSR बजट वाली कंपनियां भी जरूरत के मुताबिक प्रभावी सामाजिक कार्यों में योगदान दे सकेंगी।

अच्छे सीएसआर कार्यों को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने CSR के तहत किए जा रहे अच्छे और प्रभावी कार्यों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। प्रस्तावित ‘महा CSR प्राधिकरण’ के जरिए CSR फंड के इस्तेमाल, परियोजनाओं की प्राथमिकता और उनके प्रभाव की निगरानी को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से कंपनियों की CSR राशि का अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और परिणाम आधारित उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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