उज्जैन: आवेदनों की माला पहनकर जनसुनवाई पहुंचे किसान नेता गुर्जर, ग्रासिम के CSR फंड की जांच की मांग

Grasim Industries News : नागदा में किसान नेता देवी सिंह गुर्जर आवेदनों की माला पहनकर जनसुनवाई पहुंचे। उन्होंने ग्रासिम इंडस्ट्रीज के CSR फंड में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।
Nagda Grasim CSR Fund Investigation
जन सुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे किसान नेता (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Nagda Grasim CSR Fund Investigation: उज्जैन जिले के नागदा में किसान नेता देवी सिंह गुर्जर अनोखे अंदाज में एसडीएम कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे। अखिल भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष गुर्जर ने गले में आवेदनों की माला पहनकर प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी। उन्होंने ग्रासिम इंडस्ट्रीज के CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) फंड में कथित अनियमितताओं और दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

किसान नेता देवी सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि ग्रासिम इंडस्ट्रीज से प्रभावित गांवों में आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं है। उन्होंने कहा कि उद्योग प्रबंधन द्वारा CSR फंड खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसका वास्तविक लाभ प्रभावित ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा है।

कई बार कर चुके हैं शिकायत

उन्होंने आरोप लगाया कि CSR राशि का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों के बजाय अन्य स्थानों और शहरों में किया जा रहा है, जिससे जिन गांवों को सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां विकास कार्यों का अभाव बना हुआ है।गुर्जर ने बताया कि CSR फंड की जांच को लेकर वे कई बार एसडीएम नागदा को शिकायत और आवेदन दे चुके हैं। उनका कहना है कि हर बार केवल आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में उन्होंने जनसुनवाई में अलग तरीके से अपनी बात प्रशासन के सामने रखी।

प्रभावित गांवों का दौरा कर जुटाई जानकारी

किसान नेता ने बताया कि वे लगातार ग्रासिम इंडस्ट्रीज से प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने CSR कार्यों की स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए हैं। गुर्जर का कहना है कि उद्योग प्रबंधन किसानों और ग्रामीणों के हित में बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग दिखाई देती है।

जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

देवी सिंह गुर्जर ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ग्रासिम इंडस्ट्रीज के CSR फंड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिलकर उद्योग के वीआईपी गेट पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति बनने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और उद्योग प्रबंधन की होगी। हालांकि, मामले में उद्योग प्रबंधन या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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