फर्जी पीएमओ पहचान पत्र रोहन प्रेमल  फोटो सोर्स- नवभारत
मुंबई

ChatGPT से PMO की फर्जी ID बनाने का खुलासा, कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Rohan Parekh Arrest: बीकेसी में फर्जी पीएमओ आईडी कार्ड के साथ पकड़े गए आरोपी रोहन पारेख और उसके बॉडीगार्ड को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। एआई से आईडी बनाने का खुलासा हुआ था।

रूपम सिंह

Mumbai BKC Fake PMO ID Card Case: बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के फर्जी पहचान पत्र के साथ पकड़े गए आरोपी, रोहन प्रेमल पारेख (24) और उसके निजी बॉडीगार्ड दिलीप कुंदे को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस पूछताछ के दौरान पारेख ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए स्वीकार किया कि, वह साल 2025 से चैट-जीपीटी जैसी अत्याधुनिक एआई तकनीक का इस्तेमाल कर, पीएमओ से जुड़े फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र तैयार कर रहा था।

बांद्रा-कुर्ला पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने परिवार और समाज में झूठी प्रतिष्ठा, रसूख और आत्मसम्मान बढ़ाने की सनक में इस गंभीर वारदात को अंजाम दिया है। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, अदालत से आरोपियों की 4 दिनों की अतिरिक्त पुलिस कस्टडी मांगी थी।

जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष पांच मुख्य बिंदु रखते हुए बताया कि, यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि, फर्जी पीएमओ पहचान पत्र का इस्तेमाल आरोपी ने किसी अन्य जगह पर तो नहीं किया है।

डिजिटल दस्तावेज जब्त

इसके अलावा, पूर्व सेना अधिकारी रहे बॉडीगार्ड कुंदे के पास से एक रिवॉल्वर बरामद हुई थी। जो अपने निजी हथियार का व्यावसायिक उपयोग पारेख की सुरक्षा में कर रहा था। पुलिस ने यह तर्क भी दिया कि मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल दस्तावेज पहले ही जब्त किए जा चुके हैं।

पुलिस कस्टडी की जरूरत

जिससे डिजिटल फोरेंसिक जांच आगे बढ़ाई जा सके। पुलिस ने अदालत में जोर देकर कहा कि यह मामला देश के सबसे शीर्ष संवैधानिक पद की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा है। जो एक बेहद गंभीर, संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा व गोपनीयता से जुड़े इस संवेदनशील मामले की, तह तक जाने के लिए पुलिस कस्टडी की सख्त जरूरत थी। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की रिमाड अर्जी खारिज कर दी।

पुलिस कस्टडी के 5 मुख्य कारण

फर्जी दस्तावेजों की जांच आरोपी के घर से मिले पीएमओ पहचान पत्र और दस्तावेजों के अन्य संभावित दुरुपयोग का पता लगाना है।

  • तकनीकी सबूतों का विश्लेषणः आरोपी नंबर 1 के पास से

  • बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों-तकनीकी सामान की जांच करना है।

  • हथियार के दुरुपयोग की जांच आरोपी नंबर 2 द्वारा व्यक्तिगत हथियार का कमर्शियल इस्तेमाल करने के मामले की पड़ताल करना है।

  • अन्य आरोपियों की तलाशः मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को ढूंढना और उनसे गहन पूछताछ करना है।

  • मामले की गंभीरताः देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के ऑफिस

  • से जुड़े दस्तावेजों की संवेदनशीलता और गंभीर, संज्ञेय व गैर-जमानती अपराध की पूरी जांच करना है।

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