

Himanshu Roy Legacy Award Devendra Fadnavis: वाई वी चौहान सेंटर में मंगलवार को हिमांशु राय लिगेसी अवार्ड 2026 समारोह आयोजित किया गया। यह पुरस्कार दिवंगत आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय की स्मृति में दिया जाता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, चिकित्सा और भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित करता है। समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
साथ ही मंत्री आशीष शेलार, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मंत्री आशीष जायसवाल, पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सुनील गावस्कर, रवि दुबे, विनीत कुमार सिंह, सौरभ राज जैन, शाइना एनसी, अर्पित रांका, अश्विन सांघी, सुचित्रा कृष्णमूर्ति सहित अनेक गणमान्य अतिथि, कलाकार, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ, सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियां और मनोरंजन जगत के सदस्य उपस्थित रहे।
इस वर्ष चिकित्सा श्रेणी में डॉ. शेखर भोजराज और डॉ. जरीर उदवाडिया को स्वास्थ्य सेवा और रोगी देखभाल के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। संगीत श्रेणी में गंधर्व महाविद्यालय की अश्विनी भिडे देशपांडे को भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन व विकास में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा श्रेणी में शहीद तुकाराम गोपाल ऑबले को मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया गया।
यह सम्मान उनके अद्वितीय साहस, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र की सुरक्षा में उनके ऐतिहासिक एवं अमूल्य योगदान के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप दिया गया। समारोह में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, ब्रिटानिया के पूर्व चेयरमैन सुनील आलाघ, ओला की संस्थापक राज लक्ष्मी अग्रवाल, एचडीएफसी के संस्थापक सदस्यों में से एक भरत शाह सहित उद्योग, विज्ञान और प्रशासनिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी शामिल रहीं।
अतिथियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता का सम्मान करने के इस विशेष अवसर को साझा किया। पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैं इस आयोजन के लिए रॉय और त्रिपाठी परिवार, दोनों का आभार व्यक्त करता हूं।
हमारा मानना है कि महान और सफल व्यक्तित्वों के जीवन एवं कार्यों पर शोक नहीं मनाया जाना चाहिए, बल्कि उनका उत्सव मनाया जाना चाहिए आज का यह आयोजन उसी उत्सव का प्रतीक है। हिमांशु के निधन के बाद स्वाभाविक रूप से परिवार शोक में डूबा रह सकता था, लेकिन उनकी पत्नी भावना व त्रिपाठी परिवार ने एक अलग मार्ग चुना। उन्होंने संकल्प लिया कि उनकी स्मृति को जीवित रखने उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाए, जिन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा, चिकित्सा और संगीत जैसे क्षेत्रों में समाज के लिए असाधारण योगदान दिया है।