मुंबई साइबर पुलिस, ऑनलाइन ठगी गिरफ्तारी सोर्स- नवभारत
मुंबई

1.67 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी का पर्दाफाश, मुंबई साइबर पुलिस ने 7 आरोपियों को किया गिरफ्तार; 50 लाख ट्रेस

Mumbai Cyber Police: मुंबई साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1.67 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 50.60 लाख रुपये ट्रेस किए।

रूपम सिंह

Mumbai Digital Arrest Scam: मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन वेस्ट डिवीजन ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1.67 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (साइबर) बजरंग बनसोडे के मार्गदर्शन में की गई। मामला एक स्थानीय नागरिक की शिकायत के बाद सामने आया था।

व्हाट्सऐप कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल

पीड़ित के अनुसार, अप्रैल 2026 में अज्ञात नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए आरोपियों ने संपर्क किया। ठगों ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि पीड़ित के पहचान पत्र का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में किया गया है।

फर्जी दस्तावेज भेजकर बनाया दबाव

आरोपियों ने ठगी को वास्तविक दिखाने के लिए पुलिस के लोगो और सर्वोच्च न्यायालय के नाम व मुहर वाले फर्जी इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज भी भेजे। इसके बाद पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दी गई। बैंक खातों की जांच का हवाला देकर उसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।

तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक खातों से जुड़े लिंक के आधार पर आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों में ऋषि रामचंद्र मीणा, नौशाद अली, खालिद हफीजुद्दीन सैफी, जागेश्वर महतो और जाबिर हुसैन समेत सात लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाएं थीं।

1.17 करोड़ रुपये आरोपियों के खातों में पहुंचे

जांच में सामने आया कि आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में करीब 1.17 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों को फ्रीज कराया। अब तक पुलिस 50.60 लाख रुपये की रकम का पता लगा चुकी है। ठगी की पूरी रकम और अन्य लेनदेन की जांच जारी है।

17 अगस्त तक पुलिस कस्टडी

पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों को 17 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, फर्जी सिम और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच कर रही है।

डिजिटल अरेस्ट का कानून में कोई प्रावधान नहीं

पुलिस उपायुक्त बजरंग बनसोडे ने कहा कि CBI, ED या RBI जैसी कोई भी सरकारी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अनजान लोगों की वीडियो कॉल स्वीकार न करें और सत्यापन के नाम पर किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।

उन्होंने कहा कि किसी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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