

Badrinath-Rishikesh Highway: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार सुबह बद्रीनाथ-ऋषिकेश नेशनल हाईवे पर चट्टानें और मलबा गिरने से रास्ता बंद हो गया। यह रुकावट रविवार सुबह करीब 8 बजे आई, जब पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा नीचे आ गिरा। जिससे तीर्थयात्रियों को ले जा रहे कई वाहन सड़क के दोनों ओर फंस गए। बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि प्रभावित हिस्से पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पौड़ी गढ़वाल की श्रीनगर पुलिस ने भी यात्रा के जोखिम भरे रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारी यात्रियों से सुरक्षित जगहों पर रुकने, सिरोबागड़ वाले हिस्से के साफ होने तक आगे न बढ़ने और प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील कर रहे हैं। लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के बावजूद, श्रद्धालु बाबा केदार की पूजा-अर्चना करने के लिए केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। लगातार बारिश को देखते हुए, रुद्रप्रयाग ज़िला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा रोक दें, सुरक्षित जगहों पर रहें और मौसम व सड़क की स्थिति बेहतर होने तक आगे न बढ़ें। तीर्थयात्रियों से यह भी कहा गया है कि वे मौसम से जुड़ी सलाहों का सख्ती से पालन करें और बेवजह जोखिम न उठाएं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति तीर्थयात्रियों से सावधानी बरतने और अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह कर रही है। इस बीच, भारी बारिश के कारण पहाड़ी राज्य में कई जगहों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं हुई हैं, जिससे कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
इससे पहले, मौसम विभाग ने उत्तराखंड के ज़्यादातर ज़िलों के लिए 26 और 27 सितंबर का पूर्वानुमान जारी किया था। राज्य सरकार ने एक बार फिर निवासियों और पर्यटकों से कहा है कि वे बहुत सावधानी बरतें, यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी लें और प्रशासन व मौसम विभाग की ओर से जारी सभी सुरक्षा सलाहों का पालन करें। उत्तराखंड में बीते दिन बारिश का दौर जारी रहा। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। चार धाम यात्रा पर रोक लगा दी गई है। वहीं, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की वजह से तापमान में भी भारी गिरावट आई है।