

Mumbai Cyber Crime Statistics: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय एक नए और अदृश्य खतरे की गिरफ्त में है। जहाँ एक ओर शहर की रफ्तार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधी मुंबईवासियों की मेहनत की कमाई पर बड़ी सफाई से हाथ साफ कर रहे हैं। ताजा आंकड़ों ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली और साइबर सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले दो वर्षों में मुंबईवासियों ने साइबर ठगी में 1800 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम राशि गंवाई है, लेकिन सबसे चौंकाने वाला पहलू इसकी वसूली दर (Recovery Rate) है, जो 10 प्रतिशत के आंकड़े को भी नहीं छू पा रही है।
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि साल 2024 में मुंबई के नागरिकों को 846.71 करोड़ का चूना लगा, जिसमें से पुलिस मात्र 82.50 करोड़ ही वापस ला सकी। स्थिति साल 2025 में और भी विकराल हो गई, जब ठगी गई राशि बढ़कर 1,031.45 करोड़ तक पहुँच गई, जबकि रिकवरी केवल 110.77 करोड़ रही। साल 2026 के शुरुआती दो महीनों (फरवरी तक) का हाल भी कुछ ऐसा ही है, जहाँ 172.27 करोड़ गंवाए जा चुके हैं और वापसी मात्र 18 करोड़ की हुई है।
सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि मामलों को सुलझाने की रफ्तार भी बेहद धीमी है। साल 2026 में फरवरी तक दर्ज हुए 952 मामलों में से पुलिस केवल 120 केस ही क्रैक कर पाई है। साल 2025 में भी कुल दर्ज 4,825 मामलों में से मात्र 1,542 मामलों का ही निपटारा हो सका। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि साइबर अपराधी तकनीक के मामले में पुलिस से दो कदम आगे चल रहे हैं।
साइबर अपराध की जटिलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2024 और 2025 में हजारों मामले दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारियों की संख्या बेहद सीमित रही है। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन अपराधियों का 'लोकेशन' ट्रेस करना है, जो अक्सर विदेशी सर्वरों या देश के सुदूर कोनों (जैसे जामताड़ा या नूंह) से संचालित होते हैं। डिजिटल साक्ष्यों को मिटाना और फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड व बैंक खाते खोलना पुलिस की जांच में बड़ी बाधा बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक रिकवरी रेट और सजा की दर में सुधार नहीं होता, तब तक जनता की जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। मुंबई पुलिस लगातार 'साइबर सुरक्षा' अभियान चला रही है, लेकिन 1800 करोड़ की यह विशाल चपत बताती है कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी हाल ही में साइबर पुलिसिंग को अत्याधुनिक बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने की बात कही है, ताकि अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।