Mumbai BMC Birth Death Certificate: मुंबई बीएमसी ने नागरिकों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ी सेवाएं अधिक आसान, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई कंप्यूटरीकृत व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत मनपा के सभी वार्ड कार्यालयों के नागरिक सुविधा केंद्र (सीएफसी) में जन्म और मृत्यु से संबंधित विभिन्न प्रकार के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही नागरिक अपने आवेदन की स्थिति भी सीएफसी के माध्यम से जान सकेंगे, जिससे उन्हें संबंधित मेडिकल हेल्थ ऑफिसर (एमओएच) के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत यह नई व्यवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत नागरिक सुविधा केंद्रों पर शिशु का नाम जन्म प्रमाणपत्र में जोड़ने, नए सीआरएस पोर्टल पर पंजीकृत जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों में संशोधन, पुराने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों को क्यूआर कोड युक्त नए प्रमाणपत्र में परिवर्तित कराने तथा विवाह प्रमाणपत्र में संशोधन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
नई प्रणाली के तहत आवेदन स्वीकार होने के बाद प्रत्येक आवेदक को एक यूनिक एक्नॉलेजमेंट नंबर दिया जाएगा। इस नंबर के माध्यम से नागरिक अपने आवेदन की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। बीएमसी ने कार्यालय स्तर पर आवेदनों की जांच और निस्तारण के लिए भी एक सुव्यवस्थित डिजिटल प्रक्रिया विकसित की है, जिससे लंबित मामलों की निगरानी और समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आगामी चरण में आवेदकों को आवेदन की स्थिति की जानकारी एसएमएस के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े ने आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुंबई मनपा अतिरिक्त आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा लवंगारे ने बताया कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराना है।
पहले नागरिकों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र में संशोधन, बच्चे का नाम जोडने या अन्य संबंधित कार्यों के लिए संबंधित स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में जाकर आवेदन जमा करना पड़ता था। स्थिति जानने के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।
नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। बीएमसी ने नागरिक सुविधा केंद्रों पर पुराने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों को नए क्यूआर-कोड युक्त प्रमाणपत्र में बदलने के लिए अलग काउंटर भी शुरू किया है।
यह सुविधा विशेष रूप से शिक्षा, विदेश यात्रा और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए उपयोगी होगी। वहीं, वर्ष 2016 से पहले दर्ज जन्म एवं मृत्यु रिकॉर्ड के लिए नागरिक केंद्र सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल के माध्यम से नए प्रारूप के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे।
हालांकि पुराने रिकॉर्ड के मामलों में अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता होने के कारण इन आवेदनों के निस्तारण में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है। बीएमसी ने भरोसा जताया है कि नई डिजिटल व्यवस्था से सेवाओं की गुणवता में उल्लेखनीय सुधार होगा।