मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लाभार्थियों को घरों की चाबियां सौंपीं।
प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 500 वर्गफुट का सुसज्जित घर मिला।
दिसंबर 2029 तक पूरे प्रकल्प के घरों का वितरण पूरा करने का लक्ष्य।
557 Families Get New Homes In Mumbai: मुंबई के ऐतिहासिक बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। वर्षों से अपने पक्के घरों का इंतजार कर रहे 557 परिवारों का सपना साकार हुआ है। धनतेरस के शुभ अवसर पर लोअर परेल स्थित एन.एम जोशी मार्ग बीडीडी चाल परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों लाभार्थियों को 500 वर्गफुट के सुसज्जित घरों की चाबियां सौंपी गईं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वर्षों तक इस बात पर चर्चा होती रही कि बीडीडी चाल का पुनर्विकास होगा भी या नहीं, लेकिन अब यह परियोजना 100 प्रतिशत निर्धारित समय में पूरी होगी। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि हमारा पैर ब्रेक पर नहीं, बल्कि एक्सीलरेटर पर है।
शिंदे ने दिसंबर 2029 तक पूरे प्रकल्प के तहत घरों का वितरण पूरा करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, विधान परिषद की उपसभापति सचिन अहिर, मंत्री आशीष शेलार, राज्यमंत्री पंकज भोयर, सांसद मिलिंद देवरा, मुंबई की महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी, विधायक सुनील शिंदे, विधायक मनीषा कायंदे, शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एनसी सहित म्हाडा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गृह निर्माण मंत्री शिंदे ने बताया कि पुनर्विकास को गति देने के लिए यूनिफाइड डीसीपीआर में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। क्लस्टर विकास के तहत रहिवासियों को उद्यान, खुले मैदान, क्लब हाउस और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने शापूरजी, टाटा और एलएंडटी जैसे विकासकों को निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सुविधाओं और निर्माण गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिसकर्मियों के घरों की कीमत पहले 50 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे रहिवासियों की मांग पर घटाकर 15 लाख रुपये करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
एकनाथ शिंदे के अनुसार, अगले 15 से 20 वर्षों में मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में 20 से 25 लाख घर बनाने का लक्ष्य है। इनमें महिला कामगारों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और मिल मजदूरों के लिए किफायती तथा किराये के मकान भी शामिल होंगे।
उन्होंने रमाबाई आंबेडकर नगर की 16 हजार घरों वाली लंबित परियोजना को एसआरए और एमएमआरडीए के माध्यम से गति देने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री रहते हुए 160 करोड़ रुपये का किराया चेक के माध्यम से वितरित किए जाने का भी उल्लेख किया।
मुंबई में कोस्टल रोड,अटल सेतु, मेट्रो, वरली-वर्सोवा-मीरा-भाईंदर मार्ग और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने शहर के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। रेसकोर्स की 125 एकड़ और कोस्टल रोड के पास की लगभग 150 एकड़ जमीन मिलाकर करीब 300 एकड़ में विश्वस्तरीय उद्यान विकसित करने की योजना भी बताई।