Jalna Marathwada Mukti Sangram: जालना मराठवाड़ा की स्वतंत्रता का इतिहास सिर्फ तारीखों का ब्योरा नहीं, बल्कि आम जनता के अदम्य साहस और बलिदान की वह अमर गाथा है, जिसने निजामशाही की नींव हिला दी थी।
22 जून 1948 को कोलते पिंपलगांव के लोगों द्वारा रजाकारों के खिलाफ किया गया सशस्त्र संघर्ष और जिलेभर में चले उग्र जंगल सत्याग्रह इस बात के गवाह हैं कि यहां की हवाओं में हमेशा से आजादी की गूंज रही है।
इन ऐतिहासिक आंदोलनों ने मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम को निर्णायक मोड़ दिया। शहर में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम पर आयोजित समारोह में जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने अमर सेनानियों के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए ध्वजारोहण किया।
उन्होंने कहा कि मुक्ति संग्राम के शहीदों का यह महान त्याग आज भी हमारी सामूहिक चेतना और स्वाभिमान का सबसे बड़ा संबल है। मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर गुरुवार, 17 सितंबर को शहर के टाउन हॉल परिसर में मुख्य सरकारी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
डीएम आशिमा मित्तल ने ध्वज फहराया। कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित गणमान्य लोगों ने लोकमान्य तिलक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका अभिवादन किया। शहीद स्मारक व स्मृति स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने हवा में तीन राउंड गोलियां दागकर शहीदों को सलामी दी। पुलिस बैंड दल ने शोक धुन बजाकर शहीदों को नमन किया।
इस अवसर पर नागरिकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मित्तल ने मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम में जालना जिले के योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम के इतिहास में परतूर में आयोजित 'महाराष्ट्र परिषद के अधिवेशन' का विशेष महत्व है।
जालना जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने जिला प्रशासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं, योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया व जरूरी दस्तावेजों की जानकारी घर बैठे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जालना जिला प्रशासन की ओर से जालना मित्र पोर्टल शुरू किया गया है। इसके माध्यम से गत एक वर्ष में 2,462 नागरिकों को घर पहुंच प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए हैं।
जालना मराठवाड़ा कार्यक्रम में विधायक अर्जुन खोतकर, विधायक हिकमत उढाण, पूर्व विधायक राजेश टोपे, महापौर वंदना मगरे, उपमहापौर राजेश राऊत, जिप के सीईओ डॉ.कृष्णकांत कनवारिया, मनपा आयुक्त अंजलि शर्मा, पुलिस अधीक्षक तेगबीर सिंह संधु, अपर जिलाधिकारी रमेश मिसाल, निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम साली व उपविभागीय अधिकारी रामदास दौंड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम के नायकों का त्याग और बलिदान हमारी अमूल्य धरोहर है। इन महान शहीदों का संघर्ष और उनकी देशभक्ति की यह प्रेरणा हमें सदैव राष्ट्रहित में कार्य करने की ऊर्जा देती रहेगी।- डॉ.आशिमा मित्तल, जिलाधिकारी, जालना