

Nagpur Underground Metro Project: नागपुर शहर के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने के लिए महामेट्रो ने एक बड़ा निर्णय लिया है। शहर के व्यस्त सदर बाजार इलाके में यातायात ठप्प होने से बचाने के लिए जमीन के नीचे सुरंग बनाकर अंडरग्राउंड मेट्रो दौड़ाई जाएगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 3,200 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इस नए रूट से प्रसिद्ध कोराडी मंदिर तक का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा।
नागपुर में अब अंडरग्राउंड मेट्रो दौड़ेगी! ₹3,200 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा, कोराडी मंदिर तक पहुंचने में लगेंगे सिर्फ दो मिनट
नागपुर शहर के सदर क्षेत्र में पहले से ही एक बड़ा फ्लाईओवर मौजूद है और सड़कें संकरी हैं। दोनों ओर सैकड़ों दुकानें होने के कारण यदि जमीन पर खंभे खड़े किए जाते, तो अगले चार वर्षों तक सदर बाजार पूरी तरह बंद हो जाता और ट्रैफिक ठप्प पड़ जाता।
इसी समस्या के समाधान के लिए महामेट्रो ने जमीन के 25 से 30 मीटर नीचे सुरंग बनाने का फैसला लिया है। कस्तूरचंद पार्क के बाद मेट्रो धीरे-धीरे नीचे उतरेगी और सदर बस स्टैंड व पुलिस स्टेशन के नीचे से गुजरते हुए इंदोरा चौक के आगे पुनः जमीन पर आ जाएगी। इसके निर्माण में टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल होगा, जिससे ऊपर बाजार में शोर का कोई व्यवधान नहीं होगा।
इस रूट पर चलने वाली मेट्रो पूरी तरह कंप्यूटर से संचालित और ड्राइवरलेस होगी। ट्रेन में ड्राइवर का केबिन नहीं होगा, बल्कि सामने बड़ा कांच लगा होगा, जिससे यात्री सुरंग का नजारा देख सकेंगे। इसका नियंत्रण मिहान स्थित मुख्य कंट्रोल रूम से होगा।
सुरक्षा हेतु प्लेटफॉर्म पर स्वचालित कांच के दरवाजे होंगे और भीड़ के दौरान हर 90 सेकंड में ट्रेन छोड़ी जा सकेगी।
सुरंग के भीतर 'सदर भूमिगत' नाम से दो मंजिला भव्य अंडरग्राउंड स्टेशन बनेगा, जिसमें बाहर निकलने के 5 दरवाजे होंगे। प्रस्तावित स्टेशनों में कस्तूरचंद पार्क, सदर भूमिगत, इंदोरा चौक, जरीपटका बाजार, जरीपटका पुलिस थाना, वाहनतल चौक, कोराडी नाका, कोराडी वसाहत और अंतिम स्टेशन 'कोराडी मंदिर व पावर हाउस' शामिल हैं।
DPR अप्रैल 2027 तक तैयार होगा, 2028 में निर्माण शुरू होगा और 2031 के अंत तक नागपुरवासी इसमें सफर कर सकेंगे।