महाराष्ट्र: जिला परिषद शिक्षकों की पदोन्नति के लिए TET/CTET अनिवार्य, 31 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करने के आदेश

Maharashtra ZP Teacher Promotion: महाराष्ट्र में जिला परिषद शिक्षकों की पदोन्नति के लिए TET/CTET उत्तीर्ण होना अनिवार्य। 31 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करने और e-KYC के सख्त निर्देश।
Maharashtra government makes TET/CTET mandatory for ZP teacher promotions; sets August 31 deadline and enforces compulsory e-KYC for salaries.
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra ZP Teachers Promotion Rules: जिला परिषद के शिक्षकों की पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया है। नागपुर खंडपीठ के फैसले के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग ने पदोन्नति के लिए नई और समयबद्ध प्रक्रिया तय की है। इसके तहत केवल टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण पात्र शिक्षकों को ही विस्तार अधिकारी, केंद्र प्रमुख, मुख्याध्यापक और स्नातक शिक्षक जैसे पदों पर पदोन्नति दी जाएगी। सरकार ने वर्ष 2026 की पूरी पदोन्नति प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

शासनादेश के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद शिक्षक पदोन्नति के लिए टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। इससे पहले प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा 14 मई 2026 को जारी पत्र पर नागपुर खंडपीठ ने आपत्ति जताते हुए उसे निरस्त कर दिया था। इसके बाद राज्यभर में पदोन्नति के लिए एक समान मानदंड लागू करने हेतु सरकार ने नई कार्यप्रणाली निर्धारित की है।

 महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 10 जुलाई 2026 से पहले जिन जिला परिषदों में पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होकर आदेश जारी हो चुके हैं, वे यथावत मान्य रहेंगे। वहीं, 14 मई के पत्र के कारण जो पात्र शिक्षक पदोन्नति से वंचित रह गए थे, उन्हें अब पदोन्नति मिलने पर उनकी मूल वरिष्ठता सुरक्षित रखी जाएगी। अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित करना अनिवार्य होगा।

E-KYC नहीं तो वेतन नहीं

शालार्थ प्रणाली के माध्यम से वेतन प्राप्त करने वाले आंशिक अनुदानित, निजी अनुदानित और जिला परिषद स्कूलों के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले कर्मचारियों का सितंबर में मिलने वाला अगस्त माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इसके लिए अब कोई अतिरिक्त समय-सीमा नहीं दी जाएगी।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक शरद गोसावी और माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेश पालकर ने विभागीय शिक्षा उपसंचालक, शिक्षा अधिकारियों, शिक्षा निरीक्षकों तथा वेतन एवं भविष्य निर्वाह निधि पथक के अधीक्षकों को सभी संबंधित स्कूलों को तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं।

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