मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम स्मारक (सोर्स: AI)
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर में बनेगा मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम स्मारक, 92 करोड़ का प्रस्ताव तैयार, 4.5 एकड़ जमीन की तलाश

Marathawada Mukti Sangram Memorial Land: संभाजीनगर में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम स्मारक के लिए 92 करोड़ का प्रस्ताव तैयार है। 4.5 एकड़ जमीन तय नहीं होने से 17 सितंबर से निर्माण शुरू होने पर संशय है।

आलोक उमाकृष्ण

Marathawada Mukti Sangram Memorial Land Issue: मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम के वीरों की शौर्य गाथाओं व उनके योगदान को संरक्षित करने के उद्देश्य से शहर में स्मारक बनाने की योजना तैयार की गई है। लोक निर्माण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 92 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार किया है।

हालांकि, स्मारक के लिए उपयुक्त जमीन अब तक तय नहीं होने से परियोजना की शुरुआत में देरी की आशंका बढ़ गई है। प्रारंभिक तौर पर स्मारक के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के सामने की जमीन पर विचार किया गया था। बताया जाता है कि तत्कालीन विभागीय आयुक्त के स्तर पर इस स्थान को प्राथमिक रूप से चिन्हित भी किया गया था।

स्मारक के लिए कितने भूमि की जरूरत

लेकिन इस क्षेत्र में नियमित रूप से सरकारी कार्यक्रम, सार्वजनिक समारोह व प्रशासनिक गतिविधियां होने के कारण अब इस स्थान को लेकर आपत्तियां सामने आई हैं। स्मारक के लिए साढ़े चार एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई है।

शहर में एक ही स्थान पर इतनी बड़ी व उपयुक्त खुली जमीन उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। प्रशासनिक स्तर पर इस बात पर चर्चा हो रही है कि जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में अक्सर बड़े सरकारी व सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

संग्रहालय के साथ शोध सुविधाओं की भी योजना

टीवी सेंटर परिसर में छत्रपति संभाजीनगर मनपा के स्वामित्व वाली जमीन को एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा डॉ बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय अथवा अन्य सरकारी संस्थानों की उपलब्ध जमीनों के संबंध में भी चर्चा चल रही है।

हालांकि, आवश्यक क्षेत्रफल, भूमि का स्वामित्व, पहुंच मार्ग व भविष्य के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। प्रस्तावित स्मारक में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम का इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों व आंदोलन के योगदान की जानकारी, आधुनिक संग्रहालय, सूचना केंद्र व प्रदर्शनी कक्ष विकसित करने की योजना है।

साथ ही शोधकर्ताओं व छात्रों के लिए अध्ययन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी अवधारणा है। इसका उद्देश्य केवल ऐतिहासिक स्मृति को संरक्षित करना नहीं, बल्कि इसे पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।

लोक निर्माण विभाग ने आगे की प्रक्रिया की शुरू

ऐसे अवसरों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है व कई बार मार्गों पर नियंत्रण या बंदोबस्त करना पड़ता है। भविष्य में स्मारक एक प्रमुख पर्यटन व ऐतिहासिक केंद्र के रूप में विकसित होने पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की संभावना है।

इससे यातायात व सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसी कारण अब प्रशासन वैकल्पिक स्थान की तलाश कर रहा है। प्रशासन की योजना 17 सितंबर, मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर स्मारक के निर्माण कार्य की शुरुआत करने की थी।

लेकिन जमीन का मुद्दा अभी तक हल नहीं होने से निर्धारित समय पर काम शुरू होने को लेकर संदेह बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग ने विस्तृत अनुमान व आगे की प्रक्रिया शुरू की है।

अंतिम स्थान तय होने के बाद ही विस्तृत प्रारूप तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी है कि क्या 17 सितंबर से पहले स्मारक के लिए जमीन तय कर निर्माण का रास्ता साफ हो पाएगा।

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