

Sambhajinagar Cantonment Merger Municipal: छत्रपति संभाजीनगर स्थानीय छावनी परिषद के आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को महानगरपालिका के अधीन लाने की प्रक्रिया अब तेज होने के संकेत हैं।
केंद्र सरकार की ओर से छावनी क्षेत्रों के आवासीय और व्यावसायिक हिस्सों को संबंधित स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को सौंपने की नीति अपनाए जाने के बाद छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ गई हैं।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे जल्द ही इस संबंध में समीक्षा करेंगे। इस बैठक में छावनी क्षेत्र की संपत्तियों के हस्तांतरण के साथ ही वहां कार्यरत 31 कर्मचारियों के महानगरपालिका में समायोजन के मुद्दे पर भी निर्णय होने की संभावना है।
छावनी परिषद को महानगरपालिका में शामिल करने की प्रक्रिया पिछले करीब दो वर्षों से चल रही है। शुरुआत में छावनी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से इस संबंध में राय मांगी गई थी। इसके बाद महानगरपालिका आयुक्त से भी प्रस्ताव पर अभिमत लिया गया। दोनों अभिमत राज्य सरकार के माध्यम से केंद्रीय रक्षा मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं।
मनपा ने छावनी परिषद के आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को महानगरपालिका में शामिल करने पर सहमति जताते हुए प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेजा है। इस संबंध में छावनी परिषद और महानगरपालिका के अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।
हस्तांतरण की प्रक्रिया के तहत महानगरपालिका ने मार्च में प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसमें छावनी परिषद और महानगरपालिका की ओर से 15 अलग-अलग बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। संपत्तियों, कर्मचारियों, क्षेत्रफल, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित जानकारी शासन के समक्ष रखी गई है।
अब आयुक्त अमोल येडगे की प्रस्तावित समीक्षा बैठक में हस्तांतरण से जुड़े लंबित मामलों पर चर्चा की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक निर्णय होने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
छावनी परिषद की वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी 18 हजार 51 थी। पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र की आबादी बढ़कर 30 हजार से अधिक होने का अनुमान है। महानगरपालिका की वार्ड संरचना में सामान्यतः 25 से 30 हजार की आबादी को एक वार्ड के लिए आधार माना जाता है।
ऐसे में छावनी क्षेत्र का महानगरपालिका में विलय होने के बाद पूरे छावनी क्षेत्र को एक ही वार्ड में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय नई वार्ड संरचना और शासन के निर्देशों के आधार पर होगा।
छावनी क्षेत्र के हस्तांतरण के साथ कर्णपुरा मैदान को भी महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में लाने के प्रयास किए जाएंगे। यह मैदान शहर के महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों में शामिल है। इसके महानगरपालिका के अधीन आने से भविष्य में इसके विकास और रखरखाव को लेकर भी नई व्यवस्था बन सकती है।
छावनी क्षेत्र महानगरपालिका के अधीन आने के बाद वहां की नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी भी महानगरपालिका पर आएगी। सड़कों की देखरेख, जलापूर्ति, स्वच्छता, ड्रेनेज की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का संचालन मनपा को करना होगा। शासन से विकास कार्यों के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध होने पर छावनी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।
संपत्तियों और क्षेत्र के हस्तांतरण के साथ छावनी परिषद के 31 कर्मचारियों के भविष्य का प्रश्न भी महत्वपूर्ण है। इन कर्मचारियों को महानगरपालिका की सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है। आयुक्त की समीक्षा बैठक में कर्मचारियों की सेवा शर्तों, पदों और समायोजन से संबंधित मुद्दों पर आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।
छावनी परिषद और छत्रपति संभाजीनगर मनपा की ओर से 15 बिंदुओं पर जानकारी शासन को उपलब्ध कराए जाने तथा विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक चर्चा पूरी होने के बाद हस्तांतरण की प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। अब मनपा आयुक्त की समीक्षा बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में लंबित मामलों का निपटारा होने के बाद छावनी क्षेत्र की संपत्तियों और प्रशासनिक व्यवस्था को महानगरपालिका के अधीन लाने की प्रक्रिया को वास्तविक रूप मिलने की संभावना है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट