

Sambhajinagar Desiltation Scheme Benefits: छत्रपति संभाजीनगर जिले में जल संसाधन विभाग की ओर से लागू की गई 'गादमुक्त बांध व गादयुक्त शिवार' योजना जिले के लिए असरदार साबित हुई है। अभियान के दौरान जिले में करीब 36.38 लाख घनमीटर गाद निकालकर वह 304 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फैलाई गई।
यही नहीं, इस योजना का लाभ लाभ लेने वाले 3,314 किसानों की 304 हेक्टेयर कृषि भूमि की उर्वरता बढ़ी है। मृदा व जल संरक्षण विभाग के कार्यकारी अभियंता नरेंद्र कटके ने बताया कि, सरकार की इस अहम योजना का उद्देश्य तालाबों, बांधों व नालों में जमा गाद निकालकर जल संग्रहण क्षमता बढ़ाना, गाद को खेतों में डालकर मिट्टी की उर्वरता में सुधार करना है।
जिले में गत 3 वर्षों से योजना प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है। इस अवधि में योजना के तहत 302 कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी मिली है जिसमें से 255 कार्य भौतिक रूप से पूरे किए जा चुके हैं।
कटके ने बताया कि, योजना के तहत गाद को खेत तक पहुंचाने वाले पात्र किसान लाभार्थियों को ढाई एकड़ भूमि के लिए 35.75 रुपये प्रति घनमीटर की दर से अधिकतम 15,000 रुपये तक अनुदान दिया जाता है। इसकी अधिकतम सीमा 37, 500 रुपये है।
'नाला गहरीकरण व चौड़ीकरण' योजना के अंतर्गत गाद निकालने के लिए जरूरी मशीनरी व ईंधन खर्च के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं को सरकार 37.75 रुपये प्रति घनमीटर की दर से भुगतान करती है। जलाशयों, बांधों व नालों से गाद निकाले जाने के बाद उनकी जल संग्रहण क्षमता बढ़ती है।
भूमिगत जल का रिसाव बढ़ने से भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलती है व भूमिगत जल स्रोत पुनर्जीवित होते हैं। दूसरी ओर खेतों में गाद डालने से मिट्टी की उर्वरता व कृषि उत्पादकता में वृद्धि होने के साथ ही मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों के संरक्षण में भी मदद मिलती है।
जल संरक्षण व कृषि भूमि की उर्वरता बढ़ाने के दोहरे उद्देश्य से यह योजना किसानों के लिए बेहद लाभदायी साबित हो रही है।