मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त किसानों के लिए उद्यमियों ने 6.18 करोड़ रुपये की सहायता दी।
फडणवीस ने किसानों को संकट से उबारने के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
जंबिंदा मैदान में 'प्रौढ़ प्रताप पुरंदर' महानाट्य देखने करीब 15 हजार दर्शक पहुंचे।
Proudha Pratap Purandar Historical Play: छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों को आत्मसात कर राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए काम कर रही है। मराठवाड़ा में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। किसानों को संकट से उबारने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। यह प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज शाम यहां किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर देवेंद्र सेवा महोत्सव समिति की ओर से शनिवार को बीड बायपास स्थित जंबिंदा मैदान में भव्य ऐतिहासिक महानाट्य 'प्रौढ़ प्रताप पुरंदर' का आयोजन किया गया था।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। करीब 15 हजार दर्शकों ने महानाट्य का आनंद लिया। शिवाजी महाराज के शौर्य, पराक्रम और स्वराज्य स्थापना की गाथा ने उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति, पानी की कमी और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता जैसी समस्याएं गंभीर हैं। ऐसे समय में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।
किसानों को इस संकट से बाहर निकालने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने शासन में किसानों और सामान्य जनता के हितों को प्राथमिकता दी थी। उनकी इसी लोककल्याणकारी विचारधारा को सामने रखकर सरकार काम कर रही है।
मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त किसानों की सहायता के लिए क्षेत्र के उद्यमियों ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए 6 करोड़ 18 लाख रुपये की सहायता राशि जुटाई। इस राशि का धनादेश मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के इस योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि संकट के समय उद्योग जगत ने जिस एकजुटता और संवेदनशीलता का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। पानी की कमी, चारे की समस्या और किसानों की परेशानियों को देखते हुए उद्यमियों का आगे आना समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने इस पहल को छत्रपति संभाजीनगर की सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।
'प्रौढ़ प्रताप पुरंदर' महानाट्य में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों, उनके अदम्य साहस, युद्ध कौशल, संघर्ष और स्वराज्य स्थापना के संकल्प को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। करीब 15 हजार दर्शकों ने इस ऐतिहासिक प्रस्तुति का आनंद लिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ महानाट्य देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज का इतिहास केवल अतीत की गौरवगाथा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी मार्गदर्शक है। उनके जीवन से संघर्ष करने, स्वाभिमान के साथ जीने और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने नागरिकों से शिवरायों के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। इस महानाट्य का लेखन, निर्देशन और निर्माण महेंद्र वसंतराव राजेमहाडिक ने किया। देवेंद्र सेवा महोत्सव समिति के संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र साबले पाटील की पहल पर इस आयोजन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान देवेंद्र सेवा महोत्सव समिति की ओर से सूखाग्रस्त किसानों के लिए एक हजार पानी की टंकियों का वितरण किया गया। वहीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 500 सिलाई मशीनें वितरित की गईं। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री फडणवीस ने विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के संत-महंतों का पादपूजन किया। हजारों नागरिकों की भागीदारी से यह आयोजन ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक दायित्व का संदेश देने वाला बना।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट, अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, सांसद संदीपान भुमरे, सांसद नारायण कुचे, विधायक अनुराधा चव्हाण, देवेंद्र सेवा महोत्सव समिति के संस्थापक राजेंद्र साबले पाटील प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी, ह.भ.प. भास्करगिरी महाराज, महंत रामगिरी महाराज, श्रीमहंत शिवाजी महाराज और ह.भ.प. महंत विष्णु महाराज शास्त्री की विशेष उपस्थिति रही।