

संभाजीनगर मनपा ने मुख्यमंत्री सहायता कोष में 72 लाख रुपये दिए।
3307 अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दिन के वेतन का योगदान किया।
यह राशि सूखाग्रस्त गांवों के जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए दी गई।
Chhatrapati Sambhajinagar Drought Relief Fund: प्रदेश के सूखाग्रस्त गांवों में रहने वाले नागरिकों की मदद के लिए छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों और पार्षदों ने अनुकरणीय पहल की है। सूखे की गंभीर स्थिति में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के उद्देश्य से मनपा के अधिकारी-कर्मचारियों ने अपने एक दिन का वेतन, जबकि पार्षदों ने एक महीने का मानधन मुख्यमंत्री सहायता निधि में देने का निर्णय लिया।
इस सामूहिक योगदान से करीब 72 लाख रुपये की सहायता राशि जुटाई गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को आज इस राशि का धनादेश सौंपा गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को छत्रपति संभाजीनगर शहर में महानगरपालिका के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे।
इस अवसर पर महापौर समीर राजूरकर और मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए एकत्रित की गई राशि का धनादेश प्रदान किया। मनपा के इस सामूहिक योगदान को मुख्यमंत्री ने सराहा और अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पार्षदों की सामाजिक संवेदनशीलता की प्रशंसा की।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा प्रशासन की इस पहल में कुल 3307 अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वेच्छा से सहभागिता दर्ज कराई। सभी ने अपने एक दिन के वेतन का योगदान मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए दिया। इससे कुल 59 लाख 14 हजार 902 रुपये की राशि एकत्रित हुई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने वेतन का एक हिस्सा सूखाग्रस्त नागरिकों की सहायता के लिए समर्पित कर मानवीय संवेदना का परिचय दिया।
इस अभियान में मनपा के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। महानगरपालिका के 119 पार्षदों ने अपने एक महीने का मानधन मुख्यमंत्री सहायता निधि में देने का निर्णय लिया। इसके माध्यम से 11 लाख 90 हजार रुपये का योगदान दिया गया। इस प्रकार अधिकारियों, कर्मचारियों और पार्षदों के संयुक्त प्रयास से कुल 71 लाख 4 हजार 902 रुपये की राशि जमा हुई, जिसे लगभग 72 लाख रुपये की सहायता के रूप में मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
प्रदेश के अनेक गांवों में सूखे के कारण नागरिकों के सामने गंभीर संकट खड़ा है। विशेषकर ग्रामीण परिवारों को पानी, खेती और आजीविका से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे कठिन समय में प्रभावित नागरिकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मनपा परिवार ने यह पहल की।
इस योगदान के माध्यम से महानगरपालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों और पार्षदों ने यह संदेश दिया कि प्राकृतिक संकट की घड़ी में समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
मनपा की इस पहल की विशेषता यह रही कि इसमें केवल प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने ही नहीं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी आगे बढ़कर योगदान दिया। सभी ने मिलकर सूखाग्रस्त नागरिकों की सहायता के लिए अपनी ओर से आर्थिक सहयोग दिया। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस सामूहिक प्रयास की सराहना करते हुए मनपा परिवार की मानवीय पहल को सराहनीय बताया।