संभाजीनगर का कचरा प्रबंधन (सोर्स: सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर: सैनिटरी और खतरनाक कचरे को रखना होगा अलग, नियमों के पालन पर मनपा की नजर

Chhatrapati Sambhajinagar Waste Management: छत्रपति संभाजीनगर में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए चार श्रेणियों में कचरा अलग करना अनिवार्य है। मनपा ने 100% पृथक्करण का लक्ष्य रखा है।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाला कचरा अलग रखना होगा।

  • घनकचरा प्रबंधन नियम 2026, 1 अप्रैल से प्रभावी हुए।

  • एन-12, शिवाजीनगर ट्रांसफर स्टेशन पर कचरा संग्रह और वजन प्रक्रिया की समीक्षा हुई।

  • वार्डवार निगरानी और संग्रहण वाहनों में कचरे का अलग-अलग प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा।

Four Category Waste Segregation: छत्रपति संभाजीनगर में कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए महानगरपालिका ने कचरे के स्रोत पर ही वर्गीकरण करने पर जोर दिया है। अब घरों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे की चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य है।

हालांकि, इस व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नागरिकों के साथ कचरा संग्रह और परिवहन व्यवस्था में भी नियमों का कितना पालन होता है।

चार श्रेणियों में अलग करना होगा कचरा

घनकचरा प्रबंधन नियम 2026 के तहत कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करना जरूरी है। गीले कचरे में भोजन के अवशेष, फल-सब्जियों के छिलके और फूल शामिल हैं। सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, कांच और धातु जैसी सामग्री आती है। सैनिटरी कचरे में इस्तेमाल किए गए डायपर और सैनिटरी पैड शामिल हैं, जबकि बैटरी, कुछ घरेलू खतरनाक वस्तुएं और विशेष देखभाल की जरूरत वाला कचरा अलग रखा जाना चाहिए। ये नियम 1 अप्रैल से प्रभावी हुए हैं।

100% कचरा पृथक्करण का लक्ष्य

छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने शहर में कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण 100% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। जून में उपमहानगरपालिका आयुक्त नंदकिशोर भोंबे ने एन-12, शिवाजीनगर स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन का निरीक्षण किया था।

इस दौरान उन्होंने कचरा संग्रह, पृथक्करण और वजन दर्ज करने की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने संग्रहण वाहनों पर रूट मैप और वार्ड नंबर प्रदर्शित करने, वाहनों की सफाई बनाए रखने तथा कचरे का सही वजन दर्ज करने के निर्देश भी दिए थे।

नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन

अगस्त में मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने घनकचरा प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को कचरा प्रबंधन व्यवस्था में सुधार और अन्य शहरों की प्रभावी प्रणालियों से सीख लेने के निर्देश दिए थे। इस दौरान बड़े कचरा उत्पादकों की जिम्मेदारी और कचरे के वैज्ञानिक तरीके से संग्रह, परिवहन, प्रसंस्करण तथा निपटान पर भी जोर दिया गया।

नियमों का पालन ही व्यवस्था की असली कसौटी

कचरे को अलग-अलग रखना केवल नागरिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि संग्रहण वाहनों और प्रसंस्करण केंद्रों तक भी इस व्यवस्था को बनाए रखना जरूरी है। यदि अलग किया गया कचरा आगे चलकर एक साथ मिला दिया जाता है, तो पृथक्करण का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए वार्ड स्तर पर निगरानी, नागरिकों में जागरूकता और संग्रहण से लेकर निस्तारण तक की प्रक्रिया की नियमित जांच महत्वपूर्ण होगी।

Firecracker Ban: पटाखों पर बैन के पक्ष में नहीं SC, विराट कोहली का जिक्र कर क्या कहा?

विधान परिषद चुनाव में केवल एक सीट पर कांग्रेस की विजय, जानें भाजपा के गढ़ में अभिजीत की जीत के 10 बड़े कारण

PM आवास के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद पर नहीं चलेगा बुलडोजर, हाई कोर्ट में केंद्र सरकार ने क्या कहा?

IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू यादव को राहत, दिल्ली हाई कोर्ट ने ED को जारी किया नोटिस

पुलिस की लाठियों की चिंता मत करो, राहुल गांधी की जनता से अपील, कहा- 1 नवंबर को दिल्ली चलो मार्च में शामिल हो