Dog Bite Cases Animal Attack: छत्रपति संभाजीनगर में जनवरी से सितंबर तक घाटी अस्पताल में कुत्ते के काटने के 10,633 और बिल्ली के काटने के 1,833 मामले दर्ज हुए। अस्पताल में 10 हजार एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर, सूखे और जंगलों के घटते क्षेत्र के बीच जंगली जानवरों के मानव बस्तियों की ओर आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। दूसरी ओर आवारा कुत्तों और पालतू जानवरों से भी नागरिकों की सुरक्षा का सवाल गंभीर होता जा रहा है। सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, घाटी के वार्ड क्रमांक 10 में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर तक 10,633 लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि 1,833 लोग बिल्लियों के काटने से घायल हुए।
यानी नौ महीनों में केवल कुत्ते और बिल्ली के काटने के ही 12,466 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा चूहे, नेवले, छिपकली, सुअर, घोड़े, बंदर और भेड़ियों के हमले के मामले भी अस्पताल में दर्ज किए गए हैं।
घाटी अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी महिनें में कुत्ते के काटने के 1,347 और बिल्ली के काटने के 206 मामले दर्ज हुए। फरवरी में यह संख्या क्रमश: 1,174 और 208 रही। मार्च में 1,284 कुत्ते और 190 बिल्ली के काटने के मामले सामने आए।
अप्रैल में 1,149 लोगों को कुत्तों और 179 लोगों को बिल्लियों ने काटा। मई में यह आंकड़ा 1,200 और 183 रहा। जून में कुत्तों के काटने के 1,134 तथा बिल्लियों के काटने के 234 मामले दर्ज हुए।
जुलाई में 1,075 कुत्तों और 217 बिल्लियों के काटने के मामले सामने आए। अगस्त में 1,144 और 235 तथा सितंबर में 1,136 और 181 मामले दर्ज किए गए।
लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए घाटी अस्पताल में मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई है। घाटी के अधिष्ठाता डॉ. शिवाजी सुक्रे ने मरीजों के लिए 10,000 एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराए हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 35 से 40 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
कुत्तों और बिल्लियों के अलावा बंदर और भेड़िए जैसे जानवरों के हमले भी सामने आए हैं। सूखे की स्थिति और जंगलों के घटते क्षेत्र के कारण वन्यजीवों के मानव बस्तियों के करीब आने की घटनाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से नागरिकों से पालतू और आवारा जानवरों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। किसी जानवर के काटने की स्थिति में समय गंवाए बिना चिकित्सा उपचार लेने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी रेबीज उपचार कराने पर जोर दिया जा रहा है।