

Sambhajinagar Water Crisis Well Survey: कम बारिश के कारण संभावित जलसंकट को देखते हुए छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने शहर के पुराने और जलयुक्त कुओं का नए सिरे से सर्वे करने का फैसला किया है। पुराने रिकॉर्ड में 134 कुओं की जानकारी दर्ज है।
छत्रपति संभाजीनगर, इस वर्ष कम बारिश के कारण पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए महानगरपालिका ने संभावित जलसंकट से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में मौजूद पुराने और जलयुक्त कुओं का नए सिरे से सर्वेक्षण किया जाएगा। पुराने अभिलेखों के अनुसार शहर में 134 कुओं की जानकारी दर्ज है।
नए सर्वेक्षण में यदि अतिरिक्त कुएं मिलते हैं और उनमें पर्याप्त मात्रा में उपयोग योग्य पानी उपलब्ध पाया जाता है, तो जरूरत पड़ने पर इन्हें वैकल्पिक जलस्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
महापौर समीर राजूरकर ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर शहर को जायकवाड़ी बांध से जलापूर्ति होती है। इस वर्ष बारिश कम होने के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी है। हालांकि, नाशिक क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के कारण नाथसागर में फिलहाल पर्याप्त जलसंचय है।
गर्मी बढ़ने के साथ पानी का वाष्पीकरण भी तेजी से हो रहा है। ऐसे में भविष्य में जलसंकट की स्थिति पैदा होने पर वैकल्पिक जलस्रोत उपलब्ध रहें, इसके लिए अभी से उनकी जानकारी जुटाना जरूरी माना जा रहा है।
शहर अभियंता संजय कोबडे को तीन-चार दिन में कुओं का सर्वेक्षण कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे में विशेष रूप से उन कुओं की स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी, जिनमें पर्याप्त और उपयोग योग्य पानी उपलब्ध है।
जरूरत पड़ने पर संबंधित क्षेत्र के नागरिकों को इन कुओं से वैकल्पिक जलापूर्ति की जा सकेगी। इससे मुख्य जलस्रोत पर दबाव बढ़ने की स्थिति में मनपा के पास अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध रहेगा।
पुराने सर्वेक्षण के अनुसार प्रभाग 4 में सबसे अधिक 29 कुएं दर्ज हैं। प्रभाग 9 में 26, प्रभाग 8 में 25, प्रभाग 7 में 15 और प्रभाग 1 में 14 कुएं दर्ज हैं।
इसी तरह प्रभाग 5 में 12, प्रभाग 6 में 8, प्रभाग 3 में 3 और प्रभाग 2 में 2 कुओं की जानकारी उपलब्ध है। इस तरह कुल 134 कुओं का रिकॉर्ड संभाजीनगर मनपा के पास है। नए सर्वेक्षण से इनकी वर्तमान स्थिति और पानी की उपलब्धता की जानकारी भी सामने आएगी।