Chandrapur Gram Panchayat: करीब 15 हजार की आबादी वाले कोरपना तालुका के नांदा गांव में ग्रामसभा के लिए 100 नागरिकों का जुटना भी मुश्किल हो गया है। पिछले एक साल से आवश्यक कोरम पूरा नहीं होने के कारण ग्रामसभा बार-बार स्थगित होने की जानकारी सामने आई है। सरपंच समेत 18 ग्राम पंचायत सदस्य होने के बावजूद ग्रामसभा प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रही है।
ऐसे में ग्राम पंचायत के कामकाज और गांव के विकास संबंधी निर्णयों पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामसभा गांव के विकास की दिशा तय करने और ग्राम पंचायत के कामकाज पर सीधे निगरानी रखने वाला महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मंच है।
औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नांदा गांव में कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई, अतिक्रमण, सड़क और जलापूर्ति जैसी कई समस्याएं होने की बाल ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। ग्राम पंचायत द्वास ग्रामसभा की पर्याप्त प्रचार-प्रसार और जनजागृति की गई थी या नहीं, ग्रामीणों को समय पर सूचना दी गई थी या नहीं, इसकी भी जांच की मांग उठ रही है।
पिछले एक साल से यदि ग्रामसभा प्रभावी रूप से नहीं हुई, तो विकास प्रस्ताव, विकास कार्यों की प्राथमिकता, योजनाओं के लाभार्थियों का चयन और आर्थिक मामलों से जुड़े निर्णय किस प्रक्रिया के तहत लिए गए? यह सबसे बड़ा सवाल है। जिन मामलों में ग्रामसभा की मंजूरी आवश्यक है, उनमें ग्राम पंचायत को ग्रामीणों के सामने पूरी पारदर्शिता रखने की मांग की जा रही है।
पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य अरविंद इंगोले ने कहा कि पदाधिकारियों और सदस्यों में समन्वय नहीं है। नागरिकों का आरोप है कि महज तीन लोग मिलकर ग्राम पंचायत का कामकाज चला रहे हैं।”