

Gondia Panchayat Politics: गोंदिया शहर से सटी नंगपुरा-मुर्री ग्राम पंचायत एक बार फिर राजनीतिक उठापटक को लेकर चर्चा में आ गई है। 21 अगस्त को उपसरपंच योगेश (गुड्डू) शामलाल शरणागत के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव 9 विरुद्ध 0 मतों से मंजूर हो गया। प्रस्ताव के पक्ष में सभी नौ सदस्यों ने मतदान किया, जबकि विरोध में एक भी मत नहीं पड़ा। इससे उपसरपंच शरणागत को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।
नंगपुरा-मुर्री ग्रापं पिछले कुछ समय से राजनीतिक गतिविधियों के कारण सुर्खियों में है। इससे पहले सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन वह प्रस्ताव सफल नहीं हो सका था। इसके बाद उपसरपंच योगेश शरणागत के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, उस समय प्रस्ताव नियमों के अनुरूप नहीं होने के कारण मतदान नहीं हो पाया था। इसके बाद विरोधी सदस्यों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए प्रस्ताव को दोबारा आगे बढ़ाया।
शुक्रवार को ग्रापं में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। इसमें करण टेकाम, लीना पारधी, सुधा टेंभेकर, रणधीर सहारे, छाया शरणागत, इंद्रकला पारधी, राजेश कापसे, रवि बॉमचेर और मंदा भिवगडे ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इस तरह प्रस्ताव 9-0 के स्पष्ट बहुमत से पारित हो गया। एक भी सदस्य ने प्रस्ताव के विरोध में मतदान नहीं किया।
अविश्वास प्रस्ताव की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार संपन्न कराई गई। नायब तहसीलदार जयंत सोनवणे ने निर्वाचन निर्णय अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली और मतदान प्रक्रिया पूरी कराई।
अविश्वास प्रस्ताव के एकतरफा परिणाम से नंगपुरा-मुर्री ग्रापं के भीतर राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं। प्रस्ताव के पक्ष में हुए 9-0 के मतदान ने सदस्यों की एकजुटता को भी स्पष्ट कर दिया है। अब उपसरपंच पद से संबंधित आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया क्या होगी, इस पर ग्रामस्थों की नजरें टिकी हैं।