प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
भंडारा

भंडारा: प्रतिबंध के बावजूद वैनगंगा के खतरनाक पुल से आवागमन जारी, जान जोखिम में डालकर सफर

Bhandara Traffic Risk: भंडारा में वैनगंगा नदी के पुराने छोटे पुल से प्रतिबंध के बावजूद यातायात जारी है। नदी लबालब होने से वाहनधारक जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं, प्रशासन की भूमिका सवालों में है।

अंकिता पटेल

Wainganga River Bridge: भंडारा वैनगंगा नदी के छोटे पुल से यातायात पर 8-9 वर्ष पूर्व जिलाधिकारी द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद आज भी इस पुल से खुलेआम आवागमन जारी है। इन दिनों वैनगंगा नदी लबालब भरी हुई है, ऐसे में वाहनधारक जान जोखिम में डालकर इस छोटे पुल से सफर करते नजर आ रहे हैं।

प्रशासन की ओर से केवल सूचना फलक लगाकर औपचारिक जिम्मेदारी निभाई जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। भंडारा शहर के समीप विशाल पात्र में बहने वाली वैनगंगा नदी पर बड़े पुल के निमर्माण से पहले इसी छोटे पुल से यातायात होता था।

अंग्रेजी शासनकाल में निर्मित यह पुल बेहद संकरा है। गोसी प्रकल्प के बाद बैंकवॉटर पुल डुबने तक पहुंचा है, जिससे यहां वर्षभर नदी का जलस्तर ऊंचा रहता है। बरसात के मौसम में तो बाढ़ आने पर पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है।

इस पुल की आयु पूरी हो चुकी है और यह यातायात के लिए अनुपयुक्त घोषित किया जा चुका है। बावजूद इसके कारधा की ओर जाने के लिए नजदीकी मार्ग होने के कारण आज भी सैकड़ों नागरिक इसी पुल का उपयोग कर रहे हैं। दोपहिया वाहन आदि पुल पार करते दिखाई देते हैं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी इस पुल से वाहन लेकर गुजरती नजर आती हैं।

पुल पर गड्ढे, सुरक्षा बैरिकेड भी टूटे

छोटे पुल पर सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड टूट चुके हैं। पुल की सतह पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है, इस पुल को जिलाधिकारी के आदेश से यातायात के लिए पूरी तरह बंद किया गया है।

8 अगस्त 2016 की अधिसूचना के अनुसार पुराने पुल से किसी भी प्रकार का यातायात प्रतिबंधित है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि जबरन पुल से यात्रा करने के दौरान कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की नहीं होगी।

इस संबंध में वैनगंगा नदी के छोटे पुल के दोनों ओर सूचना फलक लगाए गए हैं, लेकिन अधिकांश वाहनधारक इन फलक को नजरअंदाज करते हुए वाहनों से पुल पार करते दिखाई दे रहे हैं

ममता बनर्जी को मिला फुटबॉल प्लेयर सिंबल, चुनाव आयोग ने ऋतब्रत गुट को दिया लिफाफा

DUSU Election 2026 LIVE: 2.75 लाख छात्र करेंगे फैसला, यश डबास या विजय मीणा किसके सिर सजेगा ताज?

4,821 रुपए बनाम 1,420 रुपए: 400 यूनिट बिजली पर महाराष्ट्र और सिक्किम के बिल में 3 गुने से ज्यादा का अंतर

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने लगाई फांसी, सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में किया था बरी

राघव चड्ढा ने AAP को बताया एक्स गर्लफ्रैंड, बोले- मेरी याद में कहीं हाथ की नस न काट लें