वाशिम जिले में रबी की बुवाई के लिए अनुकूल स्थिति (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
अकोला

वाशिम जिले में रबी की बुवाई के लिए अनुकूल स्थिति, गेहूं की बुवाई क्षेत्र में होगी वृद्धि

Washim Rabi Sowing: वाशिम जिले में रबी की बुवाई अनुकूल मौसम और पर्याप्त जल संग्रहण के चलते तेज़ी से जारी है। मालेगांव तालुका में बुवाई 174% पार, गेहूं और चना क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है।

आंचल लोखंडे

Malgaon Farmers Agriculture: वाशिम जिले में सिंचाई हेतु जलाशयों में पर्याप्त जल संग्रहण होने तथा मौसम अनुकूल रहने से किसानों ने रबी सीजन की बुवाई तेज़ कर दी है। विशेष रूप से मालेगांव तालुका में खेती का कार्य गति पकड़ चुका है। कृषि विभाग के अनुसार 30 नवंबर तक मालेगांव तालुका में रबी बुवाई 174.75 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस तालुका में इस वर्ष रबी फसलों के लिए 10,214 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि अब तक 17,848 हेक्टेयर पर बुवाई हो चुकी है।

इस वर्ष औसत से अधिक वर्षा के कारण खरीफ फसलों को नुकसान हुआ, लेकिन जलाशयों में बेहतर जलभराव होने से रबी फसल के लिए बेहद अनुकूल स्थिति बनी है। किसानों को रबी फसल से बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।

रबी सीजन की बुवाई तेज़

अब तक रबी बुवाई क्षेत्र में 7,634 हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। बुवाई का समय शेष रहने के चलते यह क्षेत्र 20 हजार हेक्टेयर से अधिक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस बार गेहूं, चना और चिया फसल पर किसानों का विशेष जोर दिखाई दे रहा है।

फसलवार रबी बुवाई (मालेगांव तालुका)

  • फसल क्षेत्र (हेक्टेयर)
  • गेहूं: 6,540
  • मक्का: 76
  • चिया: 1,320
  • रबी ज्वारी: 5
  • मसूर: 2
  • चना: 1,870
  • मोहरी: 5
  • करडई: 30

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

दिमागी नक्सल कौन? किरेन रिजिजू ने बताई इसकी परिभाषा, ये तीन इरादे रखने वालों पर निशाना

भवानीसागर बांध से LBP नहर में छोड़ा गया पानी, इरोड के किसानों की सूखती फसलों को मिली राहत

तिरंगा बनाम वंदे मातरम्... भिड़े की रैली में पोस्टर पर विवाद, राष्ट्रगीत को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

सोनिया गांधी ने वंदे मातरम गाने से रोका...तो भड़के अमित शाह, चित्तौड़गढ़ से ललकारा, FIR हुई दर्ज- VIDEO