मनसे ने की मांग (सौजन्य-नवभारत) 
अकोला

वोटर लिस्ट में हजारों फर्जी नाम...निकाय चुनाव पर लगेगी रोक! मनसे ने इलेक्शन कमीशन से कर दी बड़ी मांग

Maharashtra Local Body Elections: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक है। इस दौरान कई जिलों में वोटर लिस्ट में फर्जी नामों के होने का खुलासा हुआ है। मनसे ने इस पर चुनाव आयोग से बड़ी मांग की है।

प्रिया जैस

Nikay Chunav Voter List: अकोला जिले की मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट नाम पाए जाने से आगामी चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि जब तक मतदाता सूची का शुद्धीकरण नहीं होता, तब तक कोई भी चुनाव आयोजित न किया जाए।

मनसे की शिकायत में बताया गया है कि अकोला पूर्व विधानसभा क्षेत्र के प्रभाग क्र.3 के मतदान केंद्र क्र.163, 164, 165, 183, 184, 185, 194, 118, 182 और 203 में लगभग 1400 डुप्लीकेट नाम दर्ज हैं। वहीं, अकोला पश्चिम के प्रभाग क्र.15 के बूथ क्र.261 से 274 तक करीब 1200 डुप्लीकेट नाम पाए गए हैं। मनसे जिलाध्यक्ष पंकज साबले, उप जिलाध्यक्ष सतीश फाले, शहर अध्यक्ष सौरभ भगत और मनविसे जिलाध्यक्ष रणजीत राठोड ने संयुक्त रूप से यह शिकायत प्रस्तुत की।

भारतीय निर्वाचन आयोग के सिद्धांतों का हवाला

शिकायत में कहा गया है कि इन डुप्लीकेट नामों के कारण मतदाता सूची की शुद्धता खतरे में पड़ गई है, जिससे वास्तविक मतदाताओं को उनके मूलभूत मतदान अधिकार से वंचित किया जा सकता है। इससे चुनाव प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और अनियमितताओं की संभावना बढ़ेगी। नेताओं ने चयनित डुप्लीकेट नामों की सूची और प्रमाण भी शिकायत के साथ संलग्न किए हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शक सिद्धांतों का हवाला देते हुए मनसे ने कहा है कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना चुनाव अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मनसे जिलाध्यक्ष पंकज साबले ने कहा कि यह गड़बड़ी चुनाव प्रणाली की लापरवाही का परिणाम है और इससे वास्तविक मतदाताओं का अपमान हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो मनसे कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

पूरे जिले में यही स्थिति

सौरभ भगत ने भी जोरदार शब्दों में कहा कि अकोला पूर्व और पश्चिम के ये बूथ केवल उदाहरण हैं, ऐसी स्थिति पूरे जिले में है। आयोग को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर उठी इस शिकायत ने जिले में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

ये हैं प्रमुख मांगें

  • डुप्लीकेट नामों की तत्काल जांच कर अनावश्यक नामों को सूची से हटाया जाए।
  • संशोधित मतदाता सूची की प्रति तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
  • पूरी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
  • सभी मतदाता सूचियां प्रणाली के माध्यम से अद्यतन की जाएं।
  • मतदाता सूची के शुद्धीकरण के बिना कोई भी चुनाव आयोजित न किया जाए।

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