Electric Buses To Start In Ujjain Within Few Days: धार्मिक नगरी उज्जैन में सिटी बस सेवा का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के तहत शहर को पहले चरण में 10 आधुनिक ई-बसें मिली हैं। आज इन बसों की उज्जैन पहुंचने की संभावना है। बसों के पहुंचने के बाद आवश्यक तैयारियां पूरी कर करीब दो-तीन दिनों में संचालन शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में इन बसों को उज्जैन दर्शन रूट पर चलाया जाएगा। इससे शहरवासियों के साथ उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को भी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।
उज्जैन में आने वाली 10 ई-बसों को सबसे पहले 27 किलोमीटर से अधिक लंबे उज्जैन दर्शन रूट पर संचालित किया जाएगा। इस रूट के जरिए शहर के प्रमुख क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों तक यात्रियों को आने-जाने की सुविधा मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसों में आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। फिलहाल बस सेवा का किराया घोषित नहीं किया गया है। अधिकारियों के स्तर पर किराया तय करने के साथ ही बसों के प्रतिदिन कितने फेरे होंगे, इसका भी निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को संचालन का पूरा शेड्यूल उपलब्ध कराया जाएगा।
शुक्रवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए 351 बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें उज्जैन के लिए स्वीकृत 10 ई-सिटी बसें भी शामिल हैं। बसों के उज्जैन पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर संचालन की तैयारियां पूरी की जाएंगी। नई ई-बस सेवा शुरू होने से शहर में सार्वजनिक परिवहन को दोबारा व्यवस्थित तरीके से शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उज्जैन शहर में ई-सिटी बसों के संचालन की जिम्मेदारी उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (यूसीटीएसएल) को सौंपी गई है। प्रदेश में बस संचालन के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड (एमपीवायपीआईएल) नाम से राज्य स्तरीय कंपनी बनाई जा रही है। नई व्यवस्था के तहत यूसीटीएसएल इसके अधीन सहायक कंपनी के रूप में काम करेगी। उज्जैन में ई-बसों के संचालन के लिए निजी ऑपरेटर का चयन भी किया जा चुका है। वहीं शासन ने उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी को भी जिम्मेदारी सौंपी है।
नई व्यवस्था के तहत यूसीटीएसएल का कार्यक्षेत्र केवल उज्जैन शहर तक सीमित नहीं रहेगा। इसके अधीन उज्जैन संभाग के सभी सात जिलों की बस सेवा से जुड़ी व्यवस्था रहेगी और इसका नियंत्रण उज्जैन से किया जाएगा। ऐसे में उज्जैन संभाग में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के संचालन का प्रमुख केंद्र बनेगा। फिलहाल शुरुआत 10 ई-बसों से उज्जैन दर्शन रूट पर की जा रही है। आने वाले समय में बसों की संख्या, रूट और संचालन का दायरा बढ़ाए जाने की संभावना है।