

CM Mohan Yadav Boards Government Bus: मध्य प्रदेश की जनता को बड़ी सौगात देते हुए मोहन सरकार ने 21 साल बाद सार्वजनिक परिवहन बस सेवा को फिर से शुरू कर दिया है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संयुक्त रूप से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ का शुभारंभ किया। इस दौरान 351 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
शुरुआती चरण में यह सेवा भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी के रूप में शुरू की गई है। इन 351 बसों में से 180 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें हैं, जो प्रदूषण मुक्त सफर सुनिश्चित करेंगी। वंही दूसरी तरफ सीएम मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज सरकारी बस में सफर किया।
सरकारी बस सेवा की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आम यात्रियों की तरह बस में सफर किया। दोनों नेताओं ने राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान से पॉलिटेक्निक चौराहे तक सरकारी बस से यात्रा की। इस दौरान उन्होंने बस में बैठकर आम यात्रियों के साथ सफर का अनुभव लिया। मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का यह सादगीपूर्ण अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। सरकारी सार्वजनिक परिवहन सेवा को दोबारा शुरू किए जाने के मौके पर दोनों नेताओं ने बस यात्रा के जरिए नई सेवा की व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा भी लिया।
यात्रियों को सस्ती और सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बसों का किराया महज 2 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है। इन बसों का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में प्रीमियम सीटिंग के साथ सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर और जीपीएस आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सुविधा मुहैया कराना है।
सरकार ने सार्वजनिक परिवहन सेवा के विस्तार को लेकर भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। योजना के तहत पहले साल में 1,500 बसें सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 2031 तक बसों की संख्या बढ़ाकर 15,000 करने की तैयारी है। इसके अलावा, 2029 तक प्रदेश के सभी 55 जिलों में 3,000 से अधिक रूटों पर बस सेवा शुरू करने की योजना है। इसके जरिए दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों के साथ-साथ प्रदेश की करीब 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को भी सीधे सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।