High-Tech Anganwadi In Ujjain: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उज्जैन के शदावल क्षेत्र में देश की पहली हाईटेक आंगनबाड़ी का लोकार्पण किया। नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप आंगनबाड़ियों को आधुनिक प्री-स्कूल के रूप में विकसित करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ समय बिताया, उन्हें गुलाब के फूल भेंट किए और परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
देश की पहली हाईटेक आंगनबाड़ी को बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां प्री-स्कूल शिक्षा के लिए आधुनिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है, जिससे छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा बेहतर तरीके से मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ियों को केवल पोषण केंद्र नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इस मॉडल को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बेंगलुरु के सहयोग से तैयार किया गया है। प्रत्येक हाईटेक आंगनबाड़ी पर लगभग 6 लाख रुपये की लागत आ रही है। केंद्रों में बच्चों के लिए आधुनिक फर्नीचर, आकर्षक झूले, यूनिफॉर्म, खेलकूद के मैदान और बेहतर स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को एक साथ बढ़ावा देना है।
मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत उज्जैन जिले की आंगनबाड़ियों को इसी तर्ज पर हाईटेक बनाया जाएगा। इसकी शुरुआत मंदिर परिसरों में संचालित आंगनबाड़ियों से की जा रही है। सरकार का मानना है कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
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इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए 'आंगनबाड़ी गोद लेने' की नई पहल भी शुरू की गई है। इसके तहत देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु, उद्योगपति, व्यवसायी और समाजसेवी किसी भी आंगनबाड़ी को गोद लेकर उसके विकास, बच्चों की शिक्षा, पोषण और बुनियादी सुविधाओं में सहयोग कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य इस मॉडल के माध्यम से प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा और बाल पोषण की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
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