

Vaibhav Suryavanshi IIM Indore Study: IPL में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी अब एक नई वजह से चर्चा में हैं। देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM इंदौर उनके माइंडसेट और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट को लेकर एक विशेष मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी करने जा रहा है।
इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि मात्र 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने किस तरह क्रिकेट में असाधारण प्रदर्शन किया और इसके पीछे किन मानसिक, सामाजिक और प्रशिक्षण संबंधी कारकों की भूमिका रही। IIM इंदौर के विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध मानव क्षमता, प्रतिभा विकास और मानसिक दृढ़ता के विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझने का प्रयास करेगा।
जानकारी के अनुसार, इस स्टडी में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो यह विश्लेषण करेंगे कि शुरुआती सफलता के बाद खिलाड़ी पर मानसिक दबाव, सोशल मीडिया का प्रभाव और अपेक्षाओं का बोझ किस तरह काम करता है। संस्थान का मानना है कि कई बार प्रतिभाशाली खिलाड़ी अत्यधिक दबाव के कारण अपने प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रख पाते, जिसे खेल जगत का “डार्क साइड” भी माना जाता है।
वैभव सूर्यवंशी ने इस आईपीएल सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने एक सीजन में 72 छक्के लगाए, जिससे वे चर्चा में आ गए।
IIM इंदौर के निदेशक हिमांशु राय ने कहा कि यह अध्ययन केवल वैभव सूर्यवंशी की सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समझने की कोशिश है कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन, पारिवारिक सहयोग और संस्थागत समर्थन कैसे असाधारण परिणामों में बदल सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक समय में सफलता के साथ मानसिक थकान, सोशल मीडिया दबाव और बर्नआउट जैसी चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं। ऐसे में यह शोध यह भी समझने का प्रयास करेगा कि दीर्घकालिक विकास और भावनात्मक स्थिरता को कैसे बनाए रखा जा सकता है। संस्थान का मानना है कि यह अध्ययन भविष्य में खेल, शिक्षा और कॉरपोरेट जगत में प्रतिभा प्रबंधन के लिए एक नया मॉडल प्रस्तुत कर सकता है, जो युवा प्रतिभाओं को बेहतर दिशा देने में मदद करेगा।