

Ayodhya Fish Feast Controversy: यूपी में कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के मछली भोज वाली दावत पर सियासी संग्राम छिड़ गया। रविवार (23, अगस्त) को अजय राय श्रीराम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। भाजपा पर राम मंदिर को लेकर विवाद निशाना साधा था। इसके बाद उनके मछली भोज के कार्यक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई।
दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने अजय राय के स्वागत के लिए तारुन के अर्पित लॉन में भोज का कार्यक्रम रखा था। इसमें मछली भोज तैयार किए जाने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में 3 क्विंटल से ज्यादा मछली बनाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि होनी अभी बाकी है।
कार्यक्रम में मछली पकाए जाने का एक वीडियो सामने आया, जिससे धार्मिक भावनाओं को लेकर सवाल उठे और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी हुईं। भारी बारिश की वजह से भी कार्यक्रम प्रभावित हुआ। वीडियो वायरल होने और सुर्खियों में आने के बाद, अजय राय कार्यक्रम स्थल से चले गए और मीडिया से दूरी बनाए रखी। इस भोज को लेकर अब भाजपा के नेताओं ने अजय राय को घेर लिया है।
बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, "यह कांग्रेस का असली चेहरा है। उनकी कथनी और करनी में अंतर है। अब आप ही बताइए, अयोध्या जैसी पवित्र जगह पर, और वह भी सावन के महीने में, कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय मछली और चिकन खा रहे हैं। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति और क्या हो सकती है? ये लोग ढोंगी हैं। कहते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं।"
हालांकि, कुछ दिनों पहले ही सावन के महीने में बीजेपी मंत्री ने मछली को शाकाहारी बताया था। हाल ही में उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने मछली को लेकर बड़ा बयान दिया था। उनका कहना था कि बिना लहसुन-प्याज की बनी मछली शाकाहारी होती है।
एक मीडिया चैनल पर बात करते हुए संजय निषाद ने मछली खाने को शाकाहारी करार दिया था। इससे पहले भी बंगाल चुनाव के दौरान कई बीजेपी नेताओं ने घर-घर जाकर मछली खाई थी। बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं ने इसे सात्विक आहार और शाकाहारी बताया था। वैसे देखा जाए तो हिंदू समाज में सावन के महीने में मांसाहारी भोजन खाने से परहेज किया जाता है।
भाजपा मंत्री के इस बयान के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर सावन सोमवार में मछली भोज को लेकर हुए हंगामे के बाद यह जानना बहुत जरूरी हो जाएगा कि मछली भोज का दावा सच है या नहीं। यदि अजय राय ने मछली भोज का सेवन किया है तो क्या इसमें लहसुन-प्याज की बनी मछली खाई थी या नहीं।
अगर उन्होंने बिना लहसुन-प्याज की मछली खाई है तो उनके मुताबिक ये शाकाहारी भोज होना चाहिए। NDA की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने हाल ही में दिए गए एक बयान में कहा था कि बिना लहसुन-प्याज के बनाई गई मछली शाकाहारी होती है। वहीं जब कांग्रेस अध्यक्ष की बात आई तो उसे आस्था का अपमान बताया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है।