Savita Pradhan Shaved Head For Cancer Child: सिंगरौली नगर निगम की आयुक्त और MPPCS अधिकारी सविता प्रधान ने मानवता और संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी प्रदेशभर में सराहना हो रही है। कैंसर से जूझ रही एक बच्ची की भावनाओं को समझते हुए उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया। इस भावुक पल की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसके बाद उनका यह कदम चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने इसे करुणा, संवेदनशीलता और मानवीय नेतृत्व की प्रेरणादायक मिसाल बताया है।
जानकारी के अनुसार कैंसर के इलाज के दौरान बच्ची के सिर के बाल झड़ गए थे। इससे वह खुद को अलग-थलग महसूस कर रही थी। उसने इच्छा जताई थी कि कोई उसके जैसा दिखे ताकि उसे अकेलापन महसूस न हो। बच्ची की इस भावना को समझते हुए सविता प्रधान ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने बाल मुंडवा लिए। उनके इस कदम से बच्ची के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
बाल मुंडवाने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इसके बाद सविता प्रधान ने एक लंबी पोस्ट लिखकर स्पष्ट किया कि उनके बाल मुंडवाने का संबंध किसी दुख, बीमारी या पारिवारिक संकट से नहीं है। उन्होंने लिखा कि यह उनका पूरी तरह स्वैच्छिक निर्णय था और इससे उन्हें मानसिक संतुष्टि मिली। उन्होंने कहा कि लोग उनके गंजे सिर को देखकर हैरान हो रहे हैं, लेकिन उनके संदेश पर ध्यान नहीं दे रहे।
सविता प्रधान ने अपनी पोस्ट में महिलाओं की सुंदरता को लेकर समाज की सोच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि महिलाओं की सुंदरता सिर्फ लंबे बालों या गहनों से नहीं होती, बल्कि आत्मविश्वास से होती है। उन्होंने कहा कि पुरुषों के गंजे होने को सामान्य माना जाता है, लेकिन यदि कोई महिला स्वेच्छा से सिर मुंडवा ले या उसके बाल झड़ जाएं तो समाज उसे सहजता से स्वीकार नहीं कर पाता। उन्होंने लोगों से बाहरी रूप की बजाय व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को महत्व देने की अपील की।
सविता प्रधान का जीवन भी संघर्षों से भरा रहा है। गरीबी और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई। वर्तमान में वे सिंगरौली नगर निगम की आयुक्त हैं और प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के लिए भी जानी जाती हैं।
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सविता प्रधान की इस पहल को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। लोग इसे संवेदनशील प्रशासनिक नेतृत्व और इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि उनका यह कदम कैंसर मरीजों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और बाहरी सुंदरता से अधिक मानवीय संवेदनाओं को महत्व देने का संदेश देता है।
https://youtu.be/SznYgJ21Lfc?si=3zPtgzCL4Kg7YYmV