दतिया उपचुनाव: वोटिंग के दौरन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फर्जी पत्र, BJP जिलाध्यक्ष के निष्कासन की खबर निकली फेक

Datia By Election: दतिया उपचुनाव में वोटिंग के दिन BJP जिलाध्यक्ष को पार्टी से निकालने का लेटर वायरल, बीजेपी ने बताया फर्जी और भ्रामक साजिश, कानूनी कार्रवाई की तैयारी।
A fake letter claiming the expulsion of the BJP district president went viral on social media during polling for the Datia Assembly by-election, creating confusion among voters and party workers
प्रदेश अध्यक्ष के निष्कासन का पत्र निकला फर्जी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Fake Letter Goes Viral During Datia Bypoll Voting: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए चल रही वोटिंग के दौरान एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। मतदान की प्रक्रिया के बीच सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा को पार्टी से निष्कासित किए जाने का एक पत्र तेज़ी से वायरल होने लगा। हालांकि, बीजेपी संगठन और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इस पत्र को पूरी तरह फर्जी, फर्जीवाड़े से भरा और भ्रामक करार दिया है।

वायरल हो रहे विवादित पत्र में बीजेपी मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम और आधिकारिक लेटर पैड का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। पत्र में यह दावा किया जा रहा था कि जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण भाजपा से निष्कासित कर दिया गया है।

मतदाताओं में भ्रम फैलाने और मनोबल तोड़ने की कोशिश

ऐन वोटिंग के दिन इस तरह का पत्र सामने आने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। भाजपा समर्थकों और स्थानीय नेताओं का मानना है कि यह विरोधियों द्वारा सोची-समझी रणनीति के तहत रची गई साजिश है, ताकि मतदान के दिन भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा जा सके और आम मतदाताओं के बीच असमंजस की स्थिति पैदा की जा सके।

बीजेपी का आधिकारिक खंडन और जनता से अपील

मामला गरमाते ही बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भाजपा दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा से संबंधित प्रसारित पत्र पूरी तरह फर्जी, भ्रामक एवं दुर्भावनापूर्ण है। भाजपा मध्यप्रदेश द्वारा ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। दतिया की जनता से आग्रह है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल पार्टी के आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने इस फर्जी पत्र की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों और फर्जी लेटर पैड का दुरुपयोग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

https://youtu.be/Wsq2HAE3Wsg?si=p7fLs0ptGmj1pIr_