पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल ने सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट पर उठाए सवाल (सोर्स- सोशल मीडिया) 
सीहोर

सलकनपुर बिजासन देवी मंदिर ट्रस्ट को भंग कर CBI जांच की मांग; पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल का बड़ा हमला

Rajkumar Patel Statement: सलकनपुर बिजासन देवी मंदिर ट्रस्ट पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल ने सरकार से की ट्रस्ट भंग करने और CBI जांच कराने की मांग।

सजल रघुवंशी

Rajkumar Patel Raised Question On Salkanpur Temple Trust: सीहोर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सलकनपुर बिजासन देवी मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर उठा विवाद अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है।

ट्रस्ट में लंबे समय से एक ही नेतृत्व और वित्तीय गड़बड़ियों की खबरों के बीच पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल ने एक बड़ा बयान देकर हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

​"पारदर्शिता का अभाव और संपत्ति की लूट"

​पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रस्ट में वर्षों से पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। मंदिर में आने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे और उसकी विशाल संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन आज तक मंदिर की आय-व्यय का कोई स्पष्ट और सार्वजनिक लेखा-जोखा सामने नहीं रखा गया। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि धार्मिक व्यवस्थाओं के संचालन और श्रद्धालुओं की सेवा के नाम पर मंदिर की संपत्ति को लूटने का काम किया जा रहा है। अगर ये आरोप निराधार हैं, तो ट्रस्ट को स्वयं आगे आकर अपना पूरा वित्तीय रिकॉर्ड जनता के सामने सार्वजनिक करना चाहिए।

​पदाधिकारियों की संपत्ति जांचने की मांग

​पटेल ने केवल ट्रस्ट को भंग करने की बात नहीं कही, बल्कि उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए मांग की है कि ट्रस्ट के सभी वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों की चल-अचल संपत्तियों की भी गहन जांच होनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि पिछले वर्षों में उनके कार्यकाल के दौरान उनकी निजी संपत्तियों में कितना इजाफा हुआ और उसकी कमाई का वास्तविक स्रोत क्या है।

​प्रशासक नियुक्त करने की अपील

​सरकार से कड़े कदम उठाने का आग्रह करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने तक ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों की विशेष निगरानी की जाए और वहां तुरंत एक सरकारी प्रशासक नियुक्त किया जाए।

​गौततलब है कि सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट पहले भी विवादों में रहा है।

साल 2022 में मंदिर के स्ट्रॉन्ग रूम से चढ़ावे की रकम चोरी होने की सनसनीखेज घटना हो या सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी न देने के आरोप, यह ट्रस्ट लगातार सवालों के घेरे में रहा है। अब पूर्व मंत्री की इस तीखी मांग ने सरकार और प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।

https://youtu.be/mdek-qTG0TQ?si=yRRoxyhv9ANSCqZe

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