CBN Inspector Arrested By CBI Neemuch: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) नीमच में पदस्थ इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव की काली करतूतों का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। पटना के एक व्यापारी को एनडीपीएस केस से बचाने और नाम हटाने के एवज में 50 लाख रुपए की घूस मांगने वाले इस इंस्पेक्टर को सीबीआई की टीम ने धर दबोचा है।
पूरा मामला बिहार के पटना के रहने वाले आलोक कुमार सिन्हा से जुड़ा है। आलोक के खिलाफ नारकोटिक्स विभाग में एक मामला लंबित था। आरोप है कि केस से नाम हटाने और राहत देने के बदले इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने आलोक से 50 लाख रुपए की मोटी रकम मांगी थी।काफी दबाव और मोलभाव के बाद यह सौदा 20 लाख रुपए में तय हुआ। शर्त यह रखी गई कि काम शुरू करने से पहले 10 लाख रुपए एडवांस के तौर पर देने होंगे।
पीड़ित आलोक सिन्हा इतनी बड़ी रकम का इंतजाम एक बार में नहीं कर पाए। उन्होंने पहली किस्त के तौर पर 4 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। जांच में सामने आया कि यह रकम किसी सरकारी या आधिकारिक खाते में नहीं, बल्कि इंस्पेक्टर के करीबी रिश्तेदार संतोष कुमार सुमन के निजी बैंक खाते में भिजवाई गई थी। जैसे ही रकम खाते में ट्रांसफर हुई, पीड़ित ने सीबीआई पटना में सारे सबूतों के साथ शिकायत दर्ज करा दी।
सीबीआई जांच में शिकायत सही पाई गई। 2 सितंबर को पटना सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 7ए और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) (केस नंबर 232/26) के तहत मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पटना सीबीआई की 6 सदस्यीय विशेष टीम ने नीमच स्थित नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय पर छापा मारा। टीम ने दफ्तर से ही इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपी का मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई गोपनीय दस्तावेज अपनी ज़ब्ती में ले लिए।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम ने आरोपी इंस्पेक्टर को नीमच के स्थानीय न्यायालय में पेश किया। कोर्ट में सीबीआई ने आरोपी से गहन पूछताछ और बिहार ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 सितंबर तक की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी है। सीबीआई की टीम आरोपी इंस्पेक्टर को अपने साथ पटना ले गई है, जहां 14 सितंबर को उसे वहां की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद आरोपी अधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव को देर रात नीमच के कैंट थाने में रखा गया था। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सीबीआई टीम उन्हें सख्त सुरक्षा के बीच मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर 12 बजे के आसपास आरोपी को जिला अदालत में पेश किया गया। बिहार सीबीआई की टीम आरोपी अधिकारी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे उसे केलर पटना के लिए रवाना हुई।