ईडी की जांच के दौरान सुरक्षा करते प्रहरी फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
जबलपुर

पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा के ठिकानों पर ED की रेड, टोल वसूली में कथित फर्जीवाड़े की जांच, 14 जगह सर्च

NHAI Toll Scam : पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा से जुड़े ठिकानों पर ED ने छापेमारी की है। NHAI टोल वसूली में कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 परिसरों पर सर्च हुई।

पवन पटेल, प्रीतेश जैन

Sanjay Sharma ED Raid : नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा से पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। NHAI के टोल प्लाजा पर कथित तौर पर गलत तरीके से टोल वसूली और रकम की हेराफेरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही है।

उत्तरप्रदेश जोन से पहुंची ED की टीम सुबह तेंदूखेड़ा में हाईवे स्थित वंशिका कंस्ट्रक्शन के कार्यालय पहुंची। कई वाहनों से पहुंची जांच टीम ने कार्यालय के अंदर मौजूद दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच शुरू की। जानकारी के मुताबिक ED की टीमें तेंदूखेड़ा और देवरी में संजय शर्मा से जुड़े अन्य कार्यालयों पर भी पहुंचीं।

टोल सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार मामला NHAI के अलग-अलग टोल प्लाजा पर कथित अनधिकृत टोल वसूली और उससे प्राप्त रकम की हेराफेरी से जुड़ा है। आशंका है कि टोल कलेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले आधिकारिक सॉफ्टवेयर के समानांतर एक अनधिकृत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया। इसके जरिए कथित तौर पर फर्जी टोल रसीदें तैयार की जाती थीं और वसूली गई रकम के एक हिस्से को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर रखा जाता था।

डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच

ED की टीम दस्तावेजों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित वित्तीय साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी कथित टोल फर्जीवाड़े से जुड़े लेनदेन, रकम के प्रवाह और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। एजेंसी यह भी जांच रही है कि कथित तौर पर NHAI के आधिकारिक सिस्टम से बाहर रखी गई रकम आखिर किन खातों या माध्यमों के जरिए इधर-उधर की गई।

नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा हाईवे का टोल कलेक्शन भी जांच के दायरे में

ED की जांच में नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे पर हुई टोल वसूली भी शामिल है। इस रूट पर टोल कलेक्शन का काम संजय शर्मा से जुड़ी कंपनी के पास रहा है। इसी कनेक्शन के आधार पर जांच एजेंसी टोल कलेक्शन से जुड़े दस्तावेजों, सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

MP समेत कई राज्यों में 14 परिसरों पर सर्च

ED की कार्रवाई केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसी की टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-NCR और कोलकाता समेत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी ले रही हैं। कुल 14 परिसरों में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि करीब 22 घंटे तक चली जांच के बाद देर रात करीब 3 बजे ED की टीम वापस लौटी।

जनवरी 2025 की FIR और मई 2025 की ECIR से जुड़ी जांच

बताया जा रहा है कि ED की यह जांच जनवरी 2025 में दर्ज FIR और मई 2025 में दर्ज ECIR के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसी का उद्देश्य कथित टोल फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाना, नेटवर्क से जुड़े लोगों और कथित लाभार्थियों की पहचान करना तथा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता लगाना है। तलाशी पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि ED को जांच के दौरान क्या-क्या दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं और मामले में आगे किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

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