Jabalpur Murder Suicide Case: संस्कारधानी जबलपुर के गोरखपुर थाना अंतर्गत राजुल कॉम्प्लेक्स में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक सनकी युवक ने अपनी कथित प्रेमिका और बिजनेस पार्टनर महिला की गोली मारकर हत्या कर दी।
वारदात को अंजाम देने के चंद पलों बाद ही युवक ने खुद को भी गोली से उड़ा लिया। इस दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे एसपी संपत उपाध्याय को परिजनों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा।
मृतकों की पहचान दीपेश राठौर और शक्ति कोहली के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों ने मिलकर राजुल कॉम्प्लेक्स में एक फ्लैट किराए पर लिया था और पार्टनरशिप में ब्यूटी पार्लर चला रहे थे। सोमवार दोपहर करीब 4 बजे दीपेश पार्लर पहुंचा। उस वक्त शक्ति के साथ उसकी एक सहयोगी कर्मचारी भी वहां मौजूद थी।
दीपेश और शक्ति के बीच पार्टनरशिप और पैसों के लेनदेन को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दीपेश ने पिस्तौल निकाल ली। यह देख शक्ति की सहयोगी कर्मचारी जान बचाकर वहां से बाहर भागी और उसने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसी बीच दीपेश ने शक्ति पर फायर कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या की वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद दीपेश ने खुद को भी गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
बताया जा रहा है कि शक्ति कोहली शादीशुदा थी, लेकिन वह अपने पति से अलग होकर बेटे के साथ रह रही थी। इसी दौरान उसका परिचय राजनीतिक पार्टी से जुड़े दीपेश राठौर से हुआ। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से ब्यूटी पार्लर के कामकाज और पैसों को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा था, जिसके चलते उनके रिश्तों में भी दरार आ गई थी।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे शक्ति की बहन और बहनोई ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि महज दो दिन पहले भी दीपेश ने शक्ति के साथ जमकर विवाद और मारपीट की थी। इस पर शक्ति अपनी बहन और बहनोई के साथ गोरखपुर थाने पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि वहां तैनात 'नेतराम' नामक पुलिसकर्मी ने दीपेश के खिलाफ शिकायत दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया था। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस दो दिन पहले ही मुस्तैदी दिखाती और शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करती, तो शक्ति की जान बच सकती थी।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय खुद दलबल के साथ राजुल कॉम्प्लेक्स पहुंचे। जब एसपी घटनास्थल का निरीक्षण कर वापस लौट रहे थे, तब पुलिस की अनदेखी से नाराज परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतका की बहन और बहनोई ने एसपी की गाड़ी के आगे आकर उसे रोक लिया। परिजनों ने शहर के एक रसूखदार राजनेता पर दीपेश राठौर को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
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गोरखपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। परिजनों द्वारा पुलिसकर्मी नेतराम पर लगाए गए आरोपों और शहर के राजनेता के संरक्षण वाले एंगल सहित मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।