Highlights:
इंदौर में निकली भाजपा की लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा।
कार्यक्रम में पोस्टर लेकर पहुंचा समाजसेवी प्रहलाद पांडे।
पोस्टर देख भड़के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय।
विजयवर्गीय ने कहा - इतने जूते खाने के बाद भी आ गया।
Kailash Vijayvargiya Statement : इंदौर में भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भड़क गए। कार्यक्रम में एक समाजसेवी प्रहलाद पांडे पोस्टर लेकर पहुंचा था, जिसे देखकर कैलाश विजयवर्गीय नाराज हो गए और कहा कि साला इतने जूते खाने के बाद भी यहां पर जबरदस्ती में आ गया है।
कार्यक्रम में समाजसेवी प्रहलाद पांडे पोस्टर लहरा रहा था, जिस पर लिखा था 30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल, जवाब दो। मंच पर मौजूद कैलाश विजयवर्गीय की नजर जैसे ही पोस्टर पर पड़ी तो वो गुस्सा हो गए और कहा कि एक न्यूसेंस यहां पर आ गया है। जहां जवाब देना है हम वहां जवाब दे देंगे। अभी तू यहां से जा, नहीं तो लोग फिर से तुझे फ्री फंड में जवाब दे देंगे।
कैलाश विजयवर्गीय का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ उन्होंने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा कि इसका कागज ले लो और इसे जरा थोड़ी देर गाड़ी में बैठा दो। ये यहां पर नहीं दिखना चाहिए। साला इतने जूते खाने के बाद भी यहां पर जबरदस्ती में आ गया है। यह सब अराजकतावादी लोगों के साथ हैं।
ये वही समाजसेवी प्रहलाद पांडे है, जिसने कुछ दिन पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पांडे को हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद विजयवर्गीय ने खुद उसे छुड़वाने के लिए पत्र लिखा था।
पदयात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पदयात्रा में जुटे युवाओं ने लोकतंत्र, विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का समर्थन किया है। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ आंदोलनों में बिरयानी और पिज्जा बांटे गए थे। इन सबका का खर्च कौन उठा रहा था? कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करे तो स्वागत है, लेकिन हिंसा और अराजकता का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
भाजपा की लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पद यात्रा सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई और पाटनीपुरा चौराहे पर खत्म हुई। यात्रा में मुख्यमंत्री मोहन यादव केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, भाजपा के प्रदेश प्रभारी बिप्लब देव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।