

Highlights:
मध्य प्रदेश भाजपा 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान चलाएगी।
SIR के मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने की तैयारी।
मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को अपने क्षेत्रों में अभियान की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
विधानसभा स्तर पर बुद्धिजीवी सम्मेलन और प्रबुद्धजन संवाद आयोजित होंगे।
आपातकाल और 1984 के दंगों जैसे मुद्दे भी अभियान में उठाने की योजना है।
Loktantra Bachao Bheedtantra Hatao : मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत अन्य मुद्दों पर जारी सियासी टकराव के बीच भाजपा ने विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी की है।
पार्टी 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान चलाएगी। इसके तहत प्रदेश से लेकर विधानसभा स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा की रणनीति जनता के बीच जाकर कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की है।
अभियान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को प्रमुखता दी जाएगी। भाजपा का दावा है कि बिहार में करीब 65 लाख और मध्य प्रदेश में लगभग 22 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पार्टी इन आंकड़ों के जरिए मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता का मुद्दा उठाएगी। भाजपा का तर्क है कि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाना लोकतंत्र को मजबूत करने की प्रक्रिया है। इस दौरान पार्टी विपक्ष से भी सवाल करेगी कि मतदाता सूची में ऐसे नाम कैसे शामिल हुए।
अभियान को प्रदेशभर में प्रभावी बनाने के लिए भाजपा ने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की है। पार्टी कार्यालय में इसे लेकर बैठकें की जा रही हैं। जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में जनता और प्रबुद्ध वर्ग के बीच जाकर SIR की प्रक्रिया और पार्टी के पक्ष को रखेंगे। भाजपा की कोशिश है कि विपक्ष के आरोपों का जवाब स्थानीय स्तर पर भी दिया जाए।
अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में केंद्रीय नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस और चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। वहीं, मध्य प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में बुद्धिजीवी सम्मेलन, प्रबुद्धजन संवाद और विशेष बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी मतदाता सूची पुनरीक्षण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े अपने तर्क जनता तक पहुंचाएगी।
मध्य प्रदेश भाजपा इस अभियान को केवल SIR तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी की योजना कांग्रेस की पुरानी नीतियों, आपातकाल और 1984 के दंगों जैसे ऐतिहासिक मुद्दों को भी उठाने की है। इन विषयों के जरिए भाजपा विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक जवाब देने और अपना पक्ष जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है। अभियान के दौरान प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों और उनमें वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी पर नजर रहेगी।