Chhindwara School News : छिंदवाड़ा में जुन्नारदेव ब्लॉक के बीचबहरी गांव स्थित शासकीय माध्यमिक शाला से स्कूल की गरिमा और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। 15 अगस्त को विद्यार्थियों ने प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका के कथित प्रेम संबंध से जुड़ा वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में हंगामा मच गया और विद्यार्थियों ने शिक्षकों के व्यवहार पर नाराजगी जताई।
मामला जुन्नारदेव क्षेत्र के बीचबहरी गांव की शासकीय माध्यमिक शाला का है। वायरल वीडियो को लेकर विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका के बीच स्कूल परिसर में अनुचित नजदीकी देखने को मिली। बच्चों ने शिक्षकों के कथित व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे स्कूल की गरिमा और गुरु-शिष्य की मर्यादा प्रभावित हुई है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिख रहे व्यवहार और उससे जुड़े आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।
मामले की जानकारी शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी ओपी जोशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कराई। शिक्षा विभाग ने स्कूल में मौजूद परिस्थितियों और संबंधित शिक्षकों की भूमिका को लेकर जानकारी जुटाई। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
बीईओ ओपी जोशी के मुताबिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका सहित संबंधित शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से वहां से हटा दिया गया है। स्कूल में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। विभाग की ओर से स्कूल में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
वीडियो वायरल होने के बाद विद्यार्थियों में भी नाराजगी देखने को मिली। बच्चों का कहना था कि शिक्षक स्कूल में उनके लिए आदर्श और मार्गदर्शक की भूमिका में होते हैं। ऐसे में शिक्षकों से जुड़े इस तरह के आरोप सामने आने से स्कूल की छवि पर असर पड़ता है। विद्यार्थियों की शिकायत के बाद ही शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई।
फिलहाल शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों को स्कूल से हटाकर वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। पूरे मामले में विभागीय स्तर पर की गई जांच और उसके निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। शिक्षा विभाग ने स्कूल में अनुशासन बनाए रखने और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं मर्यादित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।