MP News: सागर में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन! शिक्षा विभाग की बाबू 2500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

Lokayukta Trap Action In Sagar: सागर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, सांदीपनी स्कूल में एरियर्स जारी करने के नाम पर ₹2500 की घूस लेती कर्मचारी संघ की नेता और महिला बाबू गिरफ्तार।
Education department employee arrested while accepting bribe in Sagar
सागर में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Clerk Caught Taking Bribe: सागर में लोकायुक्त पुलिस ने शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी लेखापाल और कर्मचारी संघ की पदाधिकारी गांधाली कदम पर एक शिक्षक से एरियर्स की राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

लोकायुक्त टीम ने सांदीपनी स्कूल परिसर में ट्रैप कार्रवाई कर उन्हें कैबिन के अंदर 2500 रुपए लेते हुए पकड़ लिया। मामला सागर के सांदीपनी स्कूल परिसर का है, जहां पदस्थ प्रथम श्रेणी शिक्षक गेंदराम अहिरवार ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी। शिक्षक का आरोप था कि उनकी लगभग 60 हजार रुपए की एरियर्स राशि लंबे समय से लंबित थी और उसे जारी कराने के लिए लेखापाल गांधाली कदम लगातार रिश्वत की मांग कर रही थीं।

2500 रुपये की मांगी थी रिश्वत

शिकायत के अनुसार शुरुआत में 3 हजार रुपए मांगे गए थे, बाद में सौदा 2500 रुपए में तय हुआ। शिक्षक रिश्वत नहीं देना चाहते थे इसलिए उन्होंने इसकी शिकायत लोकायुक्त संगठन सागर से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की।

लोकायुक्त टीम ने गांधली कदम को रंगे हाथों दबोचा

गुरुवार को जैसे ही शिक्षक ने आरोपी को तय रकम सौंपी, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर गांधाली कदम को रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान कैबिन से रिश्वत की राशि बरामद की गई। इसके बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

इससे पहले भी कई शिक्षकों से मांगी गई थी रिश्वत

शिकायतकर्ता शिक्षक गेंदराम अहिरवार का कहना है कि केवल उनसे ही नहीं, बल्कि वर्ष 2021 और उसके बाद नियुक्त कई शिक्षकों से भी पे-फिक्सेशन और एरियर्स राशि जारी करने के नाम पर पैसों की मांग की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल के दर्जनों नव-नियुक्त शिक्षक इस दबाव का सामना कर रहे थे।

लोकायुक्त पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य कर्मचारियों या शिक्षकों से भी इसी तरह वसूली की गई थी। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि रिश्वतखोरी का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल है।

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