Highlights :
छतरपुर में ASI सीताराम का कथित तौर पर 2 हजार रुपये लेते हुए वीडियो वायरल।
वीडियो सामने आने के बाद SP रजत सकलेचा ने ASI को किया सस्पेंड।
निलंबन के साथ ASI को लाइन अटैच किया गया, CSP को सौंपी गई जांच।
नौकरी दिलाने के नाम पर 22 हजार रुपये के लेनदेन का विवाद भी आया सामने।
SP ने कहा- पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वतखोरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी रुपये लेने के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां।
ASI Sitaram Suspended : छतरपुर में सिविल लाइन थाने में पदस्थ एएसआई सीताराम का 2 हजार रुपये लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने एएसआई को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है। पूरे मामले की जांच छतरपुर सीएसपी को सौंपी गई है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एएसआई सीताराम एक व्यक्ति से 2 हजार रुपये अपने बैग में रखवाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिसकर्मी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में पहुंचा जिसके बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने एएसआई सीताराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच छतरपुर सीएसपी को सौंपी गई है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में रिश्वतखोरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों के लेनदेन का विवाद सामने आया है। बताया गया है कि जिस व्यक्ति ने एएसआई को कथित तौर पर 2 हजार रुपये दिए उसने नौकरी दिलाने के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति से 22 हजार रुपये लिए थे। इसी लेनदेन को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी।
जानकारी के मुताबिक नौकरी के नाम पर पैसे लेने के मामले में दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें की गई थीं। इसके बाद संबंधित व्यक्ति ने कुछ रकम वापस भी कर दी थी। इसी मामले के सिलसिले में एएसआई सीताराम का संबंधित पक्षों से संपर्क हुआ था। इसी दौरान उनके कथित तौर पर 2 हजार रुपये लेने का सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया।
फिलहाल पुलिस विभाग ने एएसआई के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। मामले में पीड़ित भवानीदीन प्रजापति और पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के बयान भी सामने आए हैं।