Twisha Sharma Death Case Update: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में सीबीआई की जांच लगातार तेज होती जा रही है। सोमवार को सीबीआई टीम ट्विशा की डमी लेकर पूर्व जज गिरीबाला सिंह के कटारा हिल्स स्थित घर पहुंची, जहां पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि 12 मई की रात ट्विशा को फंदे से नीचे कैसे उतारा गया था और आरोपियों के बयान घटनास्थल की परिस्थितियों से मेल खाते हैं या नहीं।
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई लगभग 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर रही है। पति समर्थ सिंह का दावा है कि उसने ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि उसकी मां गिरीबाला सिंह ने गले का फंदा खोला था। अब सीबीआई दोनों से घटनास्थल पर उसी क्रम को दोबारा प्रदर्शित करा रही है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों में आरोपियों के दावे व्यवहारिक रूप से संभव थे या नहीं।
सीबीआई यह भी जांच रही है कि जिस बेल्ट से कथित तौर पर फंदा लगाया गया था, वह इतने वजन को सहन कर सकती थी या नहीं। इसके अलावा घटनास्थल के फोरेंसिक साक्ष्यों, आरोपियों के बयानों और घटनाक्रम के बीच सामंजस्य की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान घर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर घटनाओं के क्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले में गिरीबाला सिंह और समर्थ सिंह फिलहाल सीबीआई रिमांड पर हैं। विशेष सीबीआई अदालत ने दोनों को 2 जून तक रिमांड पर भेजा है, जहां उनसे अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी को शक है कि मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी की गई हो सकती है। इसी कारण घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।
इससे पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद सीबीआई ने गिरीबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट, चोट के निशान, कथित प्रताड़ना और घटना की रात की परिस्थितियां भी एजेंसी के जांच के दायरे में हैं। सीबीआई इन सभी तथ्यों को जोड़कर मौत के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम की सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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ट्विशा शर्मा केस देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और जांच की हर कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है। सीबीआई का मानना है कि सीन रीक्रिएशन और फोरेंसिक जांच से मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्टता मिल सकती है, जिससे जांच को निर्णायक दिशा मिलने की उम्मीद है।